ढाका हमलाः फंसी तारिषी ने रात डेढ़ बजे किया था घर फोन

Jul 03, 2016
19 वर्षीय तारिषी जैन ने शुक्रवार को देर रात खुद को मौत के मुंह में पाकर खुद को बचाने के लिए उत्तर प्रदेश के फीरोजाबाद में अपने परिजनों को फोन किया था।

जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। बांग्लादेश की राजधानी ढाका में स्थित स्पैनिश रेस्त्रां में शुक्रवार रात को अपने दोस्तों के साथ डिनर पर गई भारतीय छात्रा तारिषी जैन ने मौत से पहले अपने परिजनों को रेस्त्रां के बाथरूम में छिपकर फोन किया था।

19 वर्षीय तारिषी जैन ने शुक्रवार को देर रात खुद को मौत के मुंह में पाकर खुद को बचाने के लिए उत्तर प्रदेश के फीरोजाबाद में अपने परिजनों को फोन किया था। उसके परिजनों से आखिरी बार उसकी बात रात के करीब 1.30 बजे हुई। उसने फोन करके अपने रिश्तेदारों को बताया कि रेस्त्रां में बाहर गोलीबारी हो रही है और उसने खुद को रेस्त्रां के टायलेट में बंद कर लिया है। उसके चाचा राकेश मोहन जैन ने बताया कि उन्होंने उसे दोबारा फोन लगाने की कोशिश की लेकिन किसी ने फोन नहीं उठाया। उसका फोन अगले दिन सुबह 6.30 बजे किसी ने रिसीव किया। लेकिन दूसरी तरफ से किसी ने कुछ नहीं कहा।

विदेश मंत्री ने ट्वीट से दी जानकारी

विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने हमले में तारिषी के मरने की जानकारी शनिवार को ट्वीट कर दी। उन्होंने लिखा ‘मैं बहुत दुख के साथ बता रही हूं कि आतंकियों ने भारतीय लड़की तारिषी की हत्या कर दी। मैंने उनके पिता संजीव जैन से भी बात की है। पूरा देश दुख की घड़ी में उनके साथ है।’ संजीव जैन दो दशकों से बांग्लादेश से कपड़ों का कारोबार कर रहे हैं।

4 जुलाई को शव को वापस लाया जाएगा :

ढाका स्थित भारतीय उच्चायोग को शुक्रवार देर रात ही खबर लग गई थी कि कुछ भारतीय फंस गए हैं। कुछ ही देर में साफ हो गया कि तारिषी वहां अंदर थी। इसके बाद से उप उच्चायुक्त आदर्श स्वाइका उसके परिवार के साथ संपर्क में थे। शनिवार सुबह सूचना मिली कि मृतकों में तारिषी भी शामिल हैं तो उनके घर वालों को ढाका भेजने का बंदोबस्त किया गया। विदेश मंत्रालय ने ट्वीट किया कि परिवार के लिए वीजा का इंतजाम किया गया और वे रविवार को ढाका जाएंगे। विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने ट्वीट किया है कि तारिषी का शव 4 जुलाई को वापस लाया जाएगा।

कैलिफोर्निया यूनिवर्सिटी की छात्रा थी

तारिषी ने ढाका के ही अमेरिकन स्कूल से शिक्षा हासिल की थी। अभी वह अमेरिका की कैलिफोर्निया यूनिवर्सिटी के बर्कले कॉलेज की स्नातक छात्रा थी। उसे ईस्टर्न बैंक लिमिटेड की ओर से इंटर्नशिप दी गई थी और वह ‘ईबीएल- कॉमर्स ग्रोथ ऑपोर्च्युनिटि इन बांग्लादेश’ प्रोजेक्ट पर काम कर रही थी।

चचेरी बहन ने किया था ट्वीट : तारिषी की मृत्यु का समाचार आने से पहले ही उसकी चचेरी बहन मेडिकल छात्रा सोनाली जैन ने ट्वीट किया था, ‘वह मेरे सगे ताऊ जी की लड़की है, सरकार उसकी व परिवार की मदद करे।’ —–

बांग्ला भाषा ने बचाई सत्यपाल की जान :

वहीं एक अन्य भारतीय डॉ सत्यपाल को जीवनदान मिल गया। भारतीय मूल के डॉक्टर सत्यपाल को भी आइएस के आतंकियों ने बंधक बनाया था। वह बांग्ला भाषा बोलने में दक्ष हैं। बांग्लादेशियों के प्रति नरमी बरत रहे आतंकियों ने इसी कारण उन्हें वहां से सुरक्षित जाने दिया।

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