सलाम इनके प्‍यार को, एंबुलेंस में ही की शादी

Jun 07, 2016
अपने प्रेमी गुरुस्‍वामी के साथ नेत्रावाही ने मठ में आयोजित होने वाले सामूहिक विवाह का हिस्‍सा बनने की योजना बनायी थी पर कुछ ऐसा हुआ कि उन्‍हें एंबुलेंस में ही…

देवनागरी। नेत्रावाही ने अपनी शादी के लिए सुनहरे सपने सजा रखे होंगे आखिर उन्हें उनके प्यार गुरुस्वामी का साथ जो था। अमावस्या के रोज, मठ में आयोजित होने वाले सामूहिक विवाह का हिस्सा बन शादी का भी सोच लिया था। इसके लिए उन्हें जरा भी संदेह नहीं था और उन्होंने मंडप में दुल्हन बन बैठने का सोच भी रखा था। लेकिन फाइनल इयर डिप्लोमा नर्सिंग छात्र को की किस्मत को कुछ और ही मंजूर था।

शादी के लिए नेत्रावाही और गुरुस्वामी तो उपस्थित थे पर उन्हें मंडप नहीं बल्कि एंबुलेंस मिला और दुल्हन के जोड़े की जगह नाइट वियर में स्ट्रेचर पर लेटे-लेटे ही शादी करनी पड़ी। बेंगलुरू से 200 किमी दूर चित्रदुर्गा के मइ में 23 जोड़ों की सामूहिक विवाह के बाद पंडित मुरुगाराजेंद्र स्वामी ने एंबुलेंस में नेत्रावाही और गुरुस्वामी का विवाह करा, उनके लिए खुशियों की कामना की।

चित्रदुर्गा जिले के मोलाकामुरु तालुक के एक गांव की निवासी एक किसान के परिवार से ताल्लुक रखने वाली नेत्रावाही जब गुरुस्वामी से मिली तो प्यार कर बैठी। चाल्लाकेरे टाउन के गुरुस्वामी का परिवार भी खेती करता है। चित्रदुर्गा में विंडमिल प्रोजेक्ट में गुरुस्वामी टेक्नीशियन हैं। इस जोड़े ने अमावस्या के दिन सामूहिक विवाह का हिस्सा बनने का सोचा।

टाइम्स ऑफ इंडिया के अनुसार, 23 मई को नेत्रावाही घायल हो गयी। चित्रदुर्गा फोर्ट में गुरुस्वामी के साथ घूमने गयी नेत्रावाही फिसल कर गिर पड़ी और उनका स्पाइनल कोर्ड टूट गया। तुरंत उन्हें स्थानीय अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने बेंगलुरु निमहंस ले जाने की सलाह दी। एक हफ्ते के इलाज के बाद वापस चित्रदुर्गा सरकारी अस्पताल में भेजा गया और बेड रेस्ट की सख्त सलाह दी गयी। बैठने या खड़े होने में असमर्थ चित्रावाही एंबुलेंस से मठ पहुंचीं।

प्राचीन परंपराओं व जाति व्यवस्था के विरुद्ध आवाज उठाने वाले मुरुगाराजेंद्र स्वामी नियमित रूप से अंर्तजातीय जोड़ों के लिए सामूहिक विवाह का आयोजन करते हैं। शादी के बाद उन्होंने कहा, ’प्रेमियों को नुकसान नहीं पहुंचाना चाहिए या लव मैरिज को तोड़ने की कोशिश भी नहीं करनी चाहिए, यह पीड़ादायक है और उन्होंने इन जोड़ों के लिए खुशियों की बधाई दी।‘

नेत्रावाही और गुरुस्वामी एक ही जाति के थे पर घायल होने के बाद गुरुस्वामी के परिवार की ओर से व्यवधान होता। हालांकि डॉक्टरों का कहना है कि सही दवा व उचित फिजियोथेरैपी से कुछ महीनों में वो ठीक हो जाएंगी लेकिन अगर उन्होंने तनाव लिया या फिर आराम नहीं किया तो बड़ी सर्जरी की जरूरत पड़ जाएगी।

नेत्रावाही के गले में मंगलसूत्र गंभीर बीमारी में भी खुशियां बिखेर रहा है।

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