भारतीय कामगारों के मुद्दे पर सऊदी किंग का दखल, दो दिन के अंदर सुलझाएं मामला

Aug 04, 2016
सऊदी अरब के किंग के हस्तक्षेप के बाद भारतीय कामगारों का मामला सुलझता नजर आ रहा है।

नई दिल्ली। सऊदी अरब में फंसे भारतीय कामगारों के लिए राहतभरी खबर है। विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने लोकसभा में बताया कि सऊदी अरब के किंग ने खुद इस मामले में दखल देते हुए दो दिनों के अंदर इस मामले को सुलझाने के लिए कहा है। सऊदी प्रशासन ने कैंपों में रह रहे भारतीय कामगारों को मेडिकल सुविधा भी मुहैया कराने के निर्देश दिए हैं।

इसके अलावा जो भारतीय स्वदेश जाना चाहेंगे उन्हें सऊदी सरकार अपने खर्च पर भारत भेजेगी। सऊदी प्रशासन ने इस बात के आदेश दिए हैं कि दूसरी कंपनियां अगर भारतीय कामगारों को काम पर रखना चाहती हैं तो वो ऐसा कर सकती है। सऊदी सरकार के इस फैसले पर कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा कि ये खुशी की बात है।

लोकसभा में उठा था मुद्दा

सुषमा स्वराज ने लोकसभा में शून्यकाल में सदस्यों द्वारा यह मुद्दा उठाए जाने पर सदन को इनकी सुरक्षित स्वदेश वापसी के संबंध में सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों को लेकर आश्वस्त किया था। उन्होंने बताया कि विदेश राज्य मंत्री जनरल (सेवानिवृत्त) वी के सिंह को सउदी अरब जा रहे हैं। सउदी अरब में बिना भोजन पानी के फंसे दस हजार भारतीय श्रमिकों के संबंध में विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने आज भरोसा दिलाया कि सरकार ने इस मामले को बेहद गंभीरता से लिया है तथा सरकार इन भारतीयों को सुरक्षित स्वदेश लाएगी। विदेश मंत्री ने कहा, ‘‘ सरकार ने इस मामले को बहुत गंभीरता से लिया है।

सुषमा ने बताया कि भारत सरकार ने सउदी अरब के श्रम और विदेश विभाग से इन भारतीयों को आपात वीजा जारी कर स्वदेश भेजे जाने की अपील की थी लेकिन वहां के कानून के अनुसार इसके लिए इन भारतीयों को नियोक्ता कंपनियों से अनापत्ति प्रमाणपत्र लेना पड़ेगा लेकिन कंपनियां तो पहले ही देश छोड़कर जा चुकी हैं। और इन भारतीयों का काफी वेतन भी बकाया है। विदेश मंत्री ने कहा कि ऐसी स्थिति में वहां फंसे भारतीयों को निकालने के लिए एक कांट्रेक्ट पर हस्ताक्षर करने की बात कही गयी है जिसके अनुसार सउदी अरब सरकार जब भी इन कंपनियों के साथ मामले को निपटाए तो भारतीयों का बकाया वेतन पहले दिया जाए।

भारतीय कामगारों को लाएंगे वापस

सुषमा ने साथ ही आश्वासन दिया, ‘‘ हम इन भारतीयों को स्वदेश वापस लेकर आएंगे। पहले मैंने ट्विटर के माध्यम से और अब मैं सदन के माध्यम से कहना चाहती हूं कि हमारा एक भी श्रमिक भूखा नहीं रहेगा। सकुशल आएगा।’’ इससे पूर्व , अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने आंध्र प्रदेश को विशेष राज्य का दर्जा देने की मांग को लेकर सुबह से नारेबाजी कर रहे तेलुगु देशम पार्टी और वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के सदस्यों से विदेश मंत्री के बयान और इस मुद्दे की गंभीरता को समझने की अपील की। अध्यक्ष ने कहा, ‘‘ दस हजार से अधिक लोग अटके हुए हैं… आपके अपने लोग हैं। यह बहुत महत्वपूर्ण बात पर बयान हो रहा है। आप आपस में मत लड़िए।’’

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