RSS ने स्वयंसेवकों पर लगी सरकारी रोक का किया विरोध

Jun 11, 2016
संघ के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख मनमोहन वैद्य ने कहा है कि यह प्रतिबंध संघ के विस्तार को रोकने के लिए लगाया गया था।

नई दिल्ली, प्रेट्र । राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने अपने स्वयंसेवकों के सरकारी सेवा में शामिल होने पर लगी रोक को अन्यायपूर्ण और अलोकतांत्रिक बताया है। रोक का विरोध करते हुए संघ ने कहा है कि इससे कार्यकर्ताओं के मनोबल और काम पर कोई असर नहीं पड़ता है क्योंकि वे सरकार के सहारे कार्य नहीं करते हैं। वे लोगों के बीच उन्हीं के लिए काम करते हैं। संघ ने कहा है कि उसके कार्यकर्ताओं पर पिछली कांग्रेस सरकार ने रोक लगाई थी। कांग्रेस ने प्रतिशोध की मंशा के साथ संघ का कामकाज रोकने के लिए यह कदम उठाया था।

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संघ के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख मनमोहन वैद्य ने कहा है कि यह प्रतिबंध संघ के विस्तार को रोकने के लिए लगाया गया था। सरकारी सेवकों को संघ के कार्यक्रमों में हिस्सा लेने पर रोक को भी कई मामलों में अदालत असंवैधानिक करार दे चुकी है। वैद्य ने यह टिप्पणी पांच दशकों से लगी रोक समाप्त करने के संकेत पर दी है।

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रोक हटाने के बारे में मोदी सरकार करे पुनर्विचार

कांग्रेस ने मोदी सरकार से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और जमात-ए-इस्लामी के कार्यकर्ताओं को सरकारी सेवाओं में शामिल होने की अनुमति देने के अपने फैसले पर फिर से विचार करने को कहा है। कांग्रेस ने चेतावनी दी है कि इस फैसले से दूरगामी जटिलताएं पैदा होंगी। इस संबंध में हो रही चर्चाओं पर कांग्रेस प्रवक्ता मनीष तिवारी ने कहा है कि दोनों संगठन खुद को सांस्कृतिक संगठन बताते हैं लेकिन हकीकत कुछ और है। दोनों राजनीतिक हैं और उनकी विचारधारा संविधान के विपरीत है।

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