राज्यसभा चुनाव के लिए वोटिंग शुरू, शाम तक घोषित होंगे नतीजे

Jun 11, 2016
सात राज्यों में होने वाले राज्यसभा चुनाव के लिए वोटिंग शुरू हो गई है। चुनाव में पहली बार नोटा का इस्तेमाल होगा।

नई दिल्ली, (जागरण न्यूज नेटवर्क)। उत्तर प्रदेश सहित उत्तराखंड, कर्नाटक और हरियाणा समेत सात राज्यों में आज होने वाले राज्यसभा चुनाव के वोटिंग शुरू हो गई है। नतीजे देर शाम तक आ जाने की उम्मीद है। अबकी पहली बार राज्यसभा चुनाव में भी नोटा का विकल्प होगा। शुक्रवार को उत्तर प्रदेश में विधान परिषद की चुनावी जंग ने आज शनिवार को होने वाले राज्यसभा चुनाव की दिशा तय कर दी है। जमकर हुई क्रॉस वोटिंग में समाजवादी पार्टी के सभी आठ, बसपा के तीन, भाजपा और कांग्रेस के एक-एक प्रत्याशी विजयी रहे।

वैसे 245 सदस्यीय मौजूदा राज्यसभा चुनाव में खाली 57 सीटों में से 30 का फैसला पहले ही निर्विरोध हो चुका है। आज (शनिवार) को बाकी बची 27 सीटों पर मतदान से एक दिन पूर्व सबके गणित उलझ गए। ऐसे में कई राज्यों में भाजपा-कांग्रेस के बीच कड़े मुकाबले की संभावना है। सभी की आंखें उत्तर प्रदेश पर लगी हुई हैं। यहां राज्यसभा की 11 सीटों पर चुनाव होने हैं।

सिब्बल और प्रीति के बीच रोचक मुकाबला

कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल और भाजपा समर्थित निर्दलीय प्रत्याशी प्रीति महापात्रा के बीच रोचक मुकाबला तय है। 12 अतिरिक्त मतों वाली बसपा के समर्थन की जरूरत सिब्बल को पड़ेगी। बसपा सुप्रीमो मायावती ने अपने पत्ते नहीं खोले हैं। कांग्रेस के पास 29 विधायक हैं और सिब्बल की नैया पार लगाने के लिए उसे पार्टी से बाहर के पांच और विधायकों का समर्थन चाहिए।

उत्तर प्रदेश में सत्तारूढ़ सपा ने अमर सिंह, बेनी प्रसाद वर्मा समेत सात उम्मीदवार खड़े किए हैं। अजित सिंह की रालोद ने सपा को अपने आठ विधायकों के समर्थन का आश्वासन दिया है। वहीं भाजपा के शिव प्रताप शुक्ला का 41 विधायकों के समर्थन से जीतना तय है। बल्कि उनके पास अतिरिक्त सात विधायक हैं जिनका समर्थन उन्होंने प्रीति को दिलाने का वादा किया है।

आनंद को कांग्रेस-इनेलो का समर्थन

हरियाणा से केंद्रीय मंत्री बीरेंद्र सिंह को ऊपरी सदन में पहुंचाने में भाजपा सफल रहेगी। यहां एक प्रत्याशी को 31 वोटों की जरूरत पड़ेगी। ऐसे में दूसरी सीट पर भाजपा समर्थित निर्दलीय प्रत्याशी सुभाष चंद्रा इनेलो के आरके आनंद से क्रास वोटिंग के बगैर नहीं जीत सकते। चंद्रा को भाजपा के 16 सरप्लस सदस्यों का समर्थन है। लेकिन कांग्रेस ने अपने 17 विधायकों का समर्थन आनंद को दे दिया है। इनको इनेलो के 19 और अकाली दल के इकलौते विधायक का समर्थन हासिल है।

मप्र में तीन सीटों पर मुकाबला

मध्य प्रदेश में सत्तारूढ़ भाजपा के पास 164 वोट हैं। इसलिए पार्टी प्रत्याशी एमजे अकबर और अनिल दवे की जीत तय है। लेकिन तीसरे उम्मीदवार विनोद गोटिया को कांग्रेस के विवेक तन्खा की कड़ी चुनौती का सामना करना पड़ेगा। यहां एक प्रत्याशी को जीत के लिए 58 मत चाहिए। लिहाजा कांग्रेस के 57 वोट से तन्खा का पलड़ा भारी है। लेकिन भितरखाने क्रास वोटिंग की चर्चा से गोटिया भी उत्साहित हैं।

कमल मोरारका से मुकाबला कड़ा

राजस्थान में भी कांग्रेस ने अपने 24 विधायकों के साथ चौथी सीट पर निर्दलीय प्रत्याशी कमल मोरारका का समर्थन करके मुकाबले को कड़ा कर दिया है। यहां एक प्रत्याशी को जीतने के लिए 41 वोट चाहिए। भाजपा से केंद्रीय मंत्री एम.वेंकैया नायडू, उपाध्यक्ष ओम प्रकाश माथुर, आरबीआइ के पूर्व अधिकारी राम कुमार शर्मा और डूंगरपुर शाही परिवार के सदस्य हर्षवर्धन सिंह मैदान में हैं।

झारखंड में भाजपा भारी

झारखंड की दो सीटें भाजपा के खाते में जाएंगीं। लेकिन तीसरी सीट भाजपा के महेश पोद्दार के भाग्य का फैसला मतदान से होना तय है। कांग्रेस समर्थित झारखंड मुक्ति मोर्चा के वसंत सोरेन को छह वोटों की कमी पड़ रही है। भाजपा के मुख्तार अब्बास नकवी पहली सीट जीत जाएंगे।

सीतारमन की जीत पक्की

कर्नाटक में चार सीटों के लिए कांग्रेस और जद (एस) के बीच मुकाबला है। केंद्रीय मंत्री निर्मला सीतारमन भाजपा के 44 वोटों के साथ एक और वोट के जुगाड़ से जीत जाएंगी।

उत्तराखंड में एक सीट पर खेल

यहां कांग्रेस के प्रदीप टम्टा का दो निर्दलीय उम्मीदवारों से सामना है। ऐसे में सब कुछ इस पर निर्भर होगा कि मायावती किसका समर्थन करेंगी।

लाइक करें:-
कमेंट करें :-
 

संबंधित ख़बरें

वायरल वीडियो

और पढ़ें >>

मनोरंजन

और पढ़ें >>
और पढ़ें >>