रोजाना हो रही गायों की मौत पर नींद से जागी सरकार, वसुंधरा खुद लेंगी जायजा

Aug 06, 2016
राजस्थान के हिंगोनिया गोशाला की दुर्दशा का हाल ये है कि जुलाई माह से अब तक करीब एक हजार गायें मर चुकी हैं। सीएम वसुंधरा राजे आज वहां खुद जायजा लेने जा रही हैं।

जागरण संवाददाता, जयपुर। राज्य सरकार की तरफ से चलाए जा रहे हिंगोनिया गोशाला की हालत बेहद चिंताजनक बनी हुई है। यहां पर इनके ठीक से रखरखाव ना हो पाने के चलते पिछले करीब दस दिनों के अंदर ही सौ से ज्यादा गाय की जान जा चुकी है। उसके बाद अब जाकर नींद से जागी वसुंधरा सरकार इस पर संजीदा हुई है। आज खुद मुख्यंमत्री वसुंधरा राजे हिंगोनिया गोशाला का जायजा लेने जा रही है।

राजस्थान सरकार और नगर निगम की लापरवाही के चलते जयपुर की सरकारी गोशाला में 40 गायों की प्रति दिन मौत हो रही है। हिंगोनिया गोशाला की दुर्दशा का हाल यह है कि विगत जुलाई माह से अब तक करीब एक हजार गायें मर चुकी हैं। 200 गायों की हालत काफी चिंताजनक है। लेकिन जयपुर को व‌र्ल्ड हैरिटेज सिटी बनाने का सपना देख रहे नगर निगम के पास इनकी सुध लेने का समय नहीं है। इस गोशाला में आठ हजार से अधिक गायें हैं।

कीचड़ और पांच फीट तक के दलदल को गायों के प्रत्येक बाडे में देखा जा सकता है। गायों की मौत पर राजस्थान हाई कोर्ट द्वारा संज्ञान लेने और सामाजिक संगठनों द्वारा आंदोलन करने के बावजूद नगर निगम के महापौर निर्मल नाहटा ने अब तक इस गोशाला का दौरा नहीं किया। भाजपा महापौर की कार्यप्रणाली से नाराज मुख्यमंत्री सचिवालय ने मामला बढ़ता देख पशुपालन सचिव से एक बयान जारी करा कर कहा है कि गोशाला की हालत ठीक है। उन्ही गायों की मौत हो रही है जो बुढ़ी हो चुकी हैं।

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गौरतलब है कि प्रतिवर्ष 15 करोड़ रुपये इस गोशाला के लिए सरकार द्वारा स्वीकृत है, लेकिन इसकी देखभाल करने वाले 60 कर्मचारियों को पिछले तीन माह से वेतन नहीं मिला है। इसलिए वे हड़ताल पर हैं। यहां हर गाय चार से पांच फीट गहरे दलदल में फंसी है। ये न तो उठ सकती हैं और ना ही चारा खा सकती हैं। दलदल में फंसने, चारा- पानी न मिलने और चिकित्सकीय व्यवस्था उपलब्ध न होने से ऐसा हो रहा है।

राज्य के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि यहां से 65 ट्रॉली गोबर प्रतिदिन निकलता है, लेकिन दो माह से गोबर यहीं पड़ा है। बारिश आने से यह कीचड़ बन गया। प्रशासन ने तो गायों की मौत पर ध्यान नहीं दिया, लेकिन राजस्थान हाई कोर्ट के न्यायाधीश महेश चन्द्र शर्मा ने खुद संज्ञान लेते हुए राज्य के वरिष्ठ आइपीएस अधिकारी दिनेश एमएन और पशुपालन सचिव कुंजीलाल मीणा को कोर्ट में तलब कर स्थिति सुधारने के निर्देश दिए हैं। हाई कोर्ट के निर्देश के बाद अधिकारी हरकत में आ गए हैं। राज्य के पशुपालन सचिव कुंजीलाल मीणा का कहना है कि हिंगोनिया गोशाला में गौवंश के संरक्षण के लिए हर तरह की व्यवस्था है। यहां आठ हजार से अधिक गायें हैं। 14 विशेषज्ञ चिकित्सक लगे हुए हैं।

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