82 जाबांजों को वीरता पुरस्कार, हंगपन दादा को अशोक चक्र

Aug 14, 2016
पठानकोट हमले को विफल करने वाले शहीद ले. कर्नल निरंजन व सैनिक गुरसेवक सिंह समेत सेना व अ‌र्द्धसैनिक बलों के 82 बहादुरों को वीरता पुरस्कारों से नवाजा जाएगा।

नई दिल्ली(एजेंसी)। पीओके से कश्मीर में घुसपैठ करने वाले तीन पाकिस्तानी आतंकियों को धूल चटाकर शहीद हवलदार हंगपन दादा को शांतिकाल में बलिदान के लिए दिए जाने वाले सर्वोच्च सैन्य सम्मान ‘अशोक चक्र’ से सम्मानित किया जाएगा।

उनके साथ ही पठानकोट हमले को विफल करने वाले शहीद ले. कर्नल निरंजन व सैनिक गुरसेवक सिंह समेत सेना व अ‌र्द्धसैनिक बलों के 82 बहादुरों को वीरता पुरस्कारों से नवाजा जाएगा। राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने यह घोषणा की। सेना के सर्वोच्च कमांडर राष्ट्रपति मुखर्जी ने एक अशोक चक्र, 14 शौर्य चक्र, 63 सेना पदक, दो नव सेना पदक और दो वायुसेना पदक प्रदान करने की मंजूरी दी है। सेना को एक अशोक चक्र (मरणोपरांत), 11 शौर्य चक्र (छह को मरणोपरांत), 63 सेना पदक (12 मरणोपरांत) मिले हैं।

सैनिकों की टीम के थे ‘दादा’

हंगपन दादा ने 27 मई को देश के लिए शहादत दी थी। 36 साल के दादा अरणाचल प्रदेश के बोदुरिया गांव के रहने वाले थे। वे अपनी टीम में ‘दादा’ के नाम से लोकप्रिय थे। उन्हें 1997 में सेना की असम रेजीमेंट में शामिल किए गए थे। इस साल 26 मई को उनकी टीम ने कूपवाड़ा जिले के नौगाम में आतंकी हलचल देखी। उन्होंने पीओके से आए तीन आतंकियों को घेर लिया। 24 घंटे तक भीषण मुठभेड़ चली। दो आतंकी ढेर हो गए। एक आतंकी को उन्होंने हाथापाई कर मार डाला। मुठभेड़ में वह भी गंभीर रूप से घायल हो गए और आखिरकार देश के लिए उन्होंने अपनी कुर्बानी दे दी। उन्होंने अदम्य साहस, वीरता, प्रत्युत्पन्नमति का परिचय देते हुए खुद की जान की परवाह किए बिना आतंकियों का खात्मा कर डाला। उनके परिवार में पत्नी चेसेन लोवांग व 10 साल की बेटी रौखिन व छह साल का बेटा सेनवांग है।

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पहली बार शहीद ट्रैकर डॉग ‘मानसी’ को सम्मान

कश्मीर के तंगधार में पिछले साल अगस्त में आतंकियों के साथ मुठभेड़ में शहीद सेना की ट्रैकर डॉग यूनिट की लेब्रोडोर नस्ल की श्वान ‘मानसी’ को मरणोपरांत सैन्य सम्मान के लिए चुना गया है। संभवत: पहली बार किसी खोजी श्वान को इस पुरस्कार के लिए चुना गया है। घुसपैठ रोकने की कोशिश करते हुए वक्त आतंकियों ने उसे और उसके हैंडलर बशीर अहमद की हत्या कर दी थी। मानसी का नाम भारत के राजपत्र में प्रकाशित होगा। उसे ‘मेंशन ऑफ डिस्पैचेस’ से नवाजा गया है। जबकि बशीर अहमद को मरणोपरांत सेना पदक प्रदान किया जाएगा।

निरंजन को शौर्य चक्र

पठानकोट हमला विफल होने के बाद मारे गए आतंकी के शरीर से बम निष्क्रिय करते वक्त शहीद एनएसजी के ले. कर्नल ईके निरंजन को मरणोपरांत शौर्य चक्र से सम्मानित किया जाएगा। यह देश का तीसरा सबसे बड़ा वीरता पदक है।

948 पुलिस व अद्धसैनिक बल के जवानों को पदक

केंद्रीय व राज्य पुलिस बलों के 948 जवानों व अफसरों को बहादुरी व अन्य सेवा के पदक से नवाजा जाएगा। 70 वें स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति ने उनके नामों की घोषणा की। राष्ट्रपति के पुलिस पदकों के सर्वोच्च सम्मान आईटीबीपी के तीन जवानों को दिए जाएंगे, जिन्होंने अफगानिस्तान के जलालाबाद में मजारे शरीफ स्थित भारतीय वाणिज्य दूतावास पर आतंकी हमले को विफल किया था।

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