भारत यात्रा में परस्पर विश्वास की मजबूत नीव रखेंगे प्रचंड

Sep 12, 2016
भारत यात्रा में परस्पर विश्वास की मजबूत नीव रखेंगे प्रचंड
उनके पूर्ववर्ती के शासन के समय मधेशी समुदाय के आंदोलन के चलते दोनों देशों के संबंधों में खटास आ गई थी।

काठमांडू, प्रेट्र। नेपाल के प्रधानमंत्री पुष्प कमल दहल ‘प्रचंड’ का कहना है कि वह इस सप्ताह होने वाली अपनी भारत यात्रा के दौरान किसी विवादित समझौते पर हस्ताक्षर नहीं करेंगे। हालांकि दोनों देशों के बीच परस्पर विश्वास की ‘मजबूत नींव’ रखेंगे। उनके पूर्ववर्ती के शासन के समय मधेशी समुदाय के आंदोलन के चलते दोनों देशों के संबंधों में खटास आ गई थी।

चीन की ओर नरम रुख रखने वाले केपी शर्मा ओली के इस्तीफे के बाद प्रचंड चार अगस्त को दूसरी बार नेपाल के प्रधानमंत्री बने थे। उन्होंने कहा, वह 15 सितंबर से शुरू हो रही चार दिवसीय यात्रा को ‘चुनौतीपूर्ण अवसर’ के रूप में ले रहे हैं। उन्होंने शनिवार को संसद की अंतरराष्ट्रीय संबंध और श्रम समिति से कहा, ‘मुझे विश्वास है कि यात्रा से संबंधों में हाल में आई खटास दूर होगी।

संबंध न सिर्फ सामान्य होंगे, बल्कि परस्पर विश्वास की मजबूत नींव भी पड़ेगी। दिल्ली में उच्च स्तरीय वार्ता के दौरान भूकंप के बाद पुनर्निर्माण, हाइड्रोपावर व्यापार समझौते और पोस्टल हाईवे के लिए अधिक मदद हासिल करना मुख्य एजेंडा होगा।’ बाद में भारत-नेपाल संबंधों पर एक चर्चा के दौरान प्रचंड ने कहा कि वह सभी से अनुरोध करेंगे कि बतौर नेता उन्हें यह जोखिम लेने दें।

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