पायलट की सक्रियता से विमान हादसा टला, सभी यात्री सुरक्षित

Sep 04, 2016
पायलट की सक्रियता से विमान हादसा टला, सभी यात्री सुरक्षित
पायलट ने टायर व उसका बैस खराब होने का हवाला देकर विमान उड़ाने से माना कर दिया।

भोपाल, नवदुनिया न्यूज। राजाभोज एयरपोर्ट से रोजाना की तरह सुबह 9:30 बजे एयर इंडिया का 70 सीटर एटीआर विमान एआई-9436 उड़ान भरने को तैयार था। इंजीनियर ने ओके कहकर पायलट को विमान उड़ाने की अनुमति भी दे दी थी। यात्री विमान में बैठ गए।

टैकऑफ करने के लिए विमान को रन-वे पर आगे बढ़ाते ही पायलट सुमित तोमर विमान में कुछ खराबी लगी। विमान रोककर जब पायलट ने चेक किया तो उन्हें आगे के व्हीलबैस में तकनीकी खराबी दिखी। पायलट ने टायर व उसका बैस खराब होने का हवाला देकर विमान उड़ाने से माना कर दिया। अंतत: फ्लाइट रद्द होने के बाद यात्रियों को शाम की उड़ान से दिल्ली भेजा गया।

विमान में खराबी को लेकर पायलट और इंजीनियर के तीखी बहस और नोकझोंक भी हुई। इंजीनियर का कहना था कि विमान में ऐसी कोई खराबी नहीं है कि विमान टेकऑफ न कर सके। वहीं पायलट का मानना था कि विमान के उड़ान भरते ही कोई भी बड़ा हादसा हो सकता है, इसलिए टेकऑफ करना उचित नहीं है और वे फ्लाइट लेकर नहीं जाएंगे। अंतत: एयरपोर्ट प्रबंधन ने एयर इंडिया को सूचित किया और मप्र-छग के एरिया मैनेजर विश्रुत आचार्य ने फ्लाइट रद्द करने की अनुमति दी।

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विमान से 66 यात्री दिल्ली के लिए रवाना होने थे। किसी को दिल्ली पहुंचकर शिमला के लिए फ्लाइट पकड़नी थी तो कुछ लोगों को अंतरराष्ट्रीय उड़ानें समय पर पकड़नी थीं। देरी होने से लोगों का गुस्सा एयर इंडिया प्रबंधन पर फूटा। फ्लाइट रद्द होने से दोपहर 12.30 बजे तक यात्री एयरपोर्ट के लाउंज में ही बैठे रहे। इसके बाद एयर इंडिया प्रबंधन ने मायकैब टैक्सी बुलाकर यात्रियों को पलाश व निर्मल होटल में ठहराया। नाराज कुछ यात्रियों ने होटल जाने से भी माना भी किया। शाम की एयर इंडिया की दूसरी फ्लाइट से यात्रियों को रवाना किया गया।

..तो टैकऑफ के दौरान फट सकते थे टायर

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सूत्रों के मुताबिक विमान में लगे टायर घिसने से खराब हो गए थे। आगे के व्हील बैस में तकनीकी खराबी भी थी। यदि विमान टैकऑफ करता तो टायर फट सकता था। इससे बड़ा हादसा हो सकता था। इसी को देखते हुए पायलट ने इंजीनियर की नहीं मानी और विरोध कर विमान नहीं उड़ाया।

यात्रियों के चेहरों पर दिखी मायूसी

यात्री दिल्ली के लिए रवाना होने के लिए विमान में बैठने लगे थे। जब पायलट ने टायरों की हालत देखकर विमान उड़ाने से मना कर दिया तो यात्रियों के चेहरों पर मायूसी छा गई। उन्होंने एयर इंडिया प्रबंधन से शिकायत कर बहस भी की। लेकिन प्रबंधन ने उड़ान रद्द करना ही उचित समझा।

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-जरूरी काम से जा रहा था दिल्ली

शनिवार को मुझे दिल्ली में जरूरी काम था। फ्लाइट कैंसिल होने से प्राब्लम हुई। विमान में चढ़ने ही वाले थे कि टायर खराब की सूचना मिली। फिर वापस लौटना पड़ा। बाबू अगिस्टन, यात्री

-दूसरी फ्लाइट से भेजे गए यात्री

तकनीकी खराबी होने से एयर इंडिया की सुबह वाली उड़ान को रद्द करना पड़ा। सभी 66 यात्रियों को कोई परेशानी न हो, उन्हें होटल में ठहराया। शाम की फ्लाइट से सभी यात्रियों को दिल्ली रवाना कर दिया गया। श्याम टेकाम, अस्सिटेंट मैनेजर एयर इंडिया

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