पाक संसद में गूंजी भारत की बढ़ती कूटनीतिक हनक

Jun 09, 2016
पाकिस्तानी संसद में स्थगन प्रस्ताव पेश कर भारत की बढ़ती सामरिक और कूटनीतिक ताकत को रोकने के लिए नवाज शरीफ की तैयारियों की कैफियत मांगी गई।

नीलू रंजन, नई दिल्ली। विदेशों में भारत की बढ़ती कूटनीतिक हनक की गूंज अब पाकिस्तानी संसद में सुनाई देने लगी है। पाकिस्तानी संसद में स्थगन प्रस्ताव पेश कर भारत की बढ़ती सामरिक और कूटनीतिक ताकत को रोकने के लिए नवाज शरीफ की तैयारियों की कैफियत मांगी गई। कुछ सांसदों ने आतंकी गुटों को बढ़ावा देने की पुरानी नीति बदलने की जरूरत पर बल दिया। चर्चा के दौरान प्रधानमंत्री के विदेशी मामलों के सलाहकार सरताज अजीज ने कहा कि भारत के एनएसजी में प्रवेश को रोकने के कूटनीतिक प्रयास किए जा रहे हैं।

स्थगन प्रस्ताव पेश करते हुए पीएमएल (नवाज) के सांसद जावेद अब्बासी ने तत्काल चर्चा की मांग की और पाकिस्तान सरकार की तैयारियों के बारे में जानकारी मांगी। कई सांसदों ने इस बात पर चिंता जताई कि ईरान, सऊदी अरब, कतर, अफगानिस्तान और यूएई जैसे पाकिस्तान के स्वाभाविक मित्रों की दोस्ती भारत से प्रगाढ़ होती जा रही है। सिनेट की रक्षा समिति के अध्यक्ष मुसाहिद हुसैन सैयद ने भारत और अमेरिका के बीच बढ़ते रक्षा संबंधों पर चिंता जताई।

पीएमएल (क्यू) के सांसद मुसाहिद हुसैन सैयद ने पाकिस्तान की कूटनीति को बिल्कुल विफल बताया। उन्होंने कहा कि भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अमेरिकी संसद को संबोधित करने के लिए बुलाया जा रहा है और मिसाइल टेक्नोलॉजी कंट्रोल रिजीम और एनएसजी में भारत को सदस्यता दी जा रही है। यदि भारत एक बार एनएसजी में शामिल हो गया, तो फिर पाकिस्तान के लिए हमेशा के लिए रास्ता बंद हो जाएगा।

पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के फराहतुल्ला बाबर ने आतंकी गुटों के सहारे विदेशी नीति चलाने के पुराने रवैये को बदलने पर जोर दिया। पाक सेना की ओर इशारा करते हुए उन्होंने कहा कि सुरक्षा एजेंसियों की गलत नीतियों का खामियाजा हमें भुगतना पड़ रहा है।

पूर्व आंतरिक सुरक्षा मंत्री रहमान मलिक ने कहा कि खस्ताहाल कूटनीति का नतीजा है कि ईरान अपने यहां भारत को पैर जमाने के लिए जगह दे रहा है। वहीं अमेरिका आतंकवाद के खिलाफ पाकिस्तान की लड़ाई को स्वीकार करने को तैयार नहीं है।

बहस का जवाब देते हुए सरताज अजीज ने पाकिस्तान की सुरक्षा के लिए हरसंभव कदम उठाने का आश्वासन दिया। न्यूक्लियर सबमैरीन और अब अमेरिकी सहायता से न्यूक्लियर जहाज वाहक पोत हासिल करने पर चिंता जताते हुए उन्होंने कहा कि पाकिस्तान जल्द ही संयुक्त राष्ट्र से हिंद महासागर को परमाणु मुक्त क्षेत्र घोषित करने की मांग करेगा।

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