सबसे बड़े आयुध डिपो में आग बुझाने के नहीं थे पर्याप्त इंतजाम

Jun 01, 2016

राज्य ब्यूरो, मुंबई । पुलगांव केंद्रीय आयुध भंडार (सीएडी) की सुरक्षा व्यवस्था में भारत के नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक ने पिछले साल दी गई अपनी रिपोर्ट में कमियों की ओर इशारा किया था। रिपोर्ट में अग्निशमन यंत्रों की संख्या पर्याप्त न होने की बात कही थी।

महाराष्ट्र के वर्धा जिले में स्थित पुलगांव केंद्रीय आयुध भंडार में मंगलवार की आधीरात आग लग गई थी, जिसपर दिन में करीब चार बजे पूरी तरह काबू पाया जा सका। इस दौरान आग के कारण कुछ-कुछ देर पर लगातार विस्फोट भी होते रहे थे। आग बुझाने में दो अधिकारियों सहित कुल 16 जवान मंगलवार को ही मारे गए थे। आज दो और लोगों के मारे जाने की खबर है। एक व्यक्ति का अभी भी पता नहीं चल पाया है। कल ही घटनास्थल का दौरा करके गए रक्षामंत्री मनोहर पर्रिकर ने प्रथमदृष्टया इस अग्निकांड में किसी साजिश की आशंका से इंकार किया है।

आग लगने के कारणों की जांच करने के लिए सेना की ओर से कोर्ट ऑफ इंक्वायरी का गठन कर दिया है। पर्रिकर के अनुसार इसकी रिपोर्ट आने के बाद ही घटना के कारणों का पता चल सकेगा। लेकिन महाराष्ट्र एवं केंद्र में भाजपा के साथ सत्ता में साझीदार शिवसेना ने पुलगांव अग्निकांड पर आशंका जाहिर करते हुए इसे एक सामान्य घटना मानने से इंकार कर दिया है।

पार्टी के मुखपत्र सामना में कहा गया है कि हमारी सरकार सिर्फ घटना पर दुख जताकर एवं जांच का आदेश देकर अपना काम खत्म मान रही है। लेकिन देश की सुरक्षा से जुड़े मामलों में इस प्रकार की लापरवारी शर्मनाक है। पाकिस्तान एवं चीन जैसे हमारे पड़ोसी इस घटना के बारे में सुनकर कितने खुश हो रहे होंगे। इस अग्निकांड में जितने हथियारों का नुकसान हुआ है, उतना तो शायद युद्ध में भी नहीं हुआ होता। विस्फोटकों के विशेषज्ञ लेफ्टीनेंट कर्नल अशोक जोशी ने भी प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि यह घटना सिर्फ मौसम की गर्मी का परिणाम नहीं कही जा सकती। पुलगांव सीएडी में कुछ तो असामान्य घटा है।

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