महाड़ हादसा: 9 शव बरामद, 10 लाख का मुआवजा; 25 अगस्त तक पुल होगा तैयार

Aug 05, 2016
मुंबई-गोवा हाईवे पर महाड़ के पास पुल के ढह जाने के चलते नदी से अब तक 9 शव बरामद किए जा चुके हैं। सरकार ने 10 लाख का मुआजवा देने का एलान किया है।

महाड़, (प्रेट्र)। राज्य सरकार ने ब्रिटिश कालीन पुल ढह जाने की न्यायिक जांच कराने की घोषणा की है। त्रासदी में लापता हुए 22 लोगों में से अभी तक नौ के शव निकाले जा चुके हैं। ये सभी दो बसों में सवार थे और मंगलवार की रात जिस समय बस सावित्री नदी पर बने पुराने पुल से गुजर रही थी उसी समय हादसा हुआ। अन्य लापता लोगों की तलाश की जा रही है। राज्य विधानसभा में गुरुवार को मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस ने पुल ढहने की न्यायिक जांच कराने की घोषणा की।

परिवहन मंत्री दिवाकर राओटे ने हादसे का शिकार हुई दोनों बसों के कर्मचारियों के आश्रित को या तो नौकरी या 10 लाख रुपये मुआवजा देने की घोषणा की है। मुंबई-गोवा राष्ट्रीय राजमार्ग पर रायगढ़ जिले में महाड़ के समीप हुई इस भयावह त्रासदी में राज्य परिवहन निगम की दोनों बसों के साथ कुछ निजी वाहन भी उफनती हुई सवित्री नदी में गिर गए थे। हादसा वाली जगह मुंबई से करीब 170 किलोमीटर दूर स्थित है।रायगढ़ के कलेक्टर सतीश बगाल ने कहा, ’40 घंटे की सघन तलाशी में हमारी टीम ने छह पुरुषों और तीन महिलाओं के शव निकाले हैं। इनमें से एक बस ड्राइवर और एक कंडक्टर का शव है।’

तलाशी के काम में तट रक्षक, एनडीआरएफ और नौसेना के 160 कर्मी जुटे हैं। इस काम में 20 नौकाओं की मदद ली जा रही है। स्थानीय मछुआरे भी मदद कर रहे हैं। तीन घंटे नदी में रहने के बाद बाहर आए एनडीआरएफ के एक जवान ने बताया कि नदी की तेज धारा हमारे सामने एक चुनौती है। लेकिन हम अपने लक्ष्य से पीछे नहीं हटने वाले। चुंबक से वाहनों की खोज नदी में गिरी दो बसों और अन्य वाहनों की तलाश की जा रही है। स्थानीय अधिकारी ने बताया कि लापता बसों की तलाश के लिए गुरुवार सुबह 300 किलो के चुंबक को क्रेन की मदद से नदी में डाला गया था। अभी तक किसी वाहन का पता नहीं चल पाया है।

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