जानिए, उत्तर प्रदेश व पंजाब में क्या होगा NDA का चुनावी मंत्र

Jun 05, 2016
देश की अर्थव्यवस्था को सरकार अपने आर्थिक प्रबंधन का बेहतरीन नमूना बताने में कोई कंजूसी नहीं दिखाएगी। आने वाले दिनों में उत्तर प्रदेश, पंजाब चुनाव में इस्तेमाल करेगी।

जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। देश की अर्थव्यवस्था को आठ फीसद के करीब पहुंचा कर राजग सरकार चुप नहीं बैठने वाली बल्कि इसका राजनीतिक फायदा उठाने को पूरी तरह तैयार है। ऐसे समय जब दुनिया के अधिकांश देशों में मंदी गहरा रही है, भारतीय अर्थव्यवस्था ने 7.9 फीसद का आंकड़ा छूकर दिखाया है।

सरकार इसे अपने आर्थिक प्रबंधन का बेहतरीन नमूना बताने में कोई कंजूसी नहीं दिखाएगी। आने वाले दिनों में उत्तर प्रदेश, पंजाब व अन्य राज्यों के चुनावों में इस प्रबंधन के बलबूते ज्यादा विदेशी निवेश लाने, रोजगार के ज्यादा अवसर बनाने और प्रति व्यक्ति आय बढ़ाने के आंकड़ों से मतदाताओं को लुभाने की कोशिश भी होगी।

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मंत्रालयों से कहा गया है कि वे आर्थिक मोर्चे पर मिली कामयाबी से जुड़े आंकड़े एक जगह इकट्ठे करें। सूत्रों का कहना है कि जनता को यह भी बताया जाएगा कि अर्थव्यवस्था आठ फीसद या उससे भी तेजी से बढ़ने से उसे किस तरफ फायदा हो रहा है। मसलन, अर्थव्यवस्था की रफ्तार बढ़ाने में अगर ढांचागत क्षेत्र ने अहम भूमिका निभाई है तो इससे नए रोजगार के अवसर कितने बढ़े हैं। बिजली आपूर्ति बढ़ने से उद्योगों की उत्पादकता कितनी बढ़ी है।

सनद रहे कि तेज आर्थिक विकास दर की उपलब्धि को कांग्रेस व अन्य विपक्षी दलों ने ‘रोजगार रहित विकास’ की संज्ञा दी है। इस बारे में पूछने पर आर्थिक मामलों के सचिव (वित्त मंत्रालय) शशिकांत दास ने कहा, वैसे तो चौथी तिमाही में आर्थिक विकास दर के आठ फीसद के करीब पहुंच जाने से कितना रोजगार बढ़ा है, इसके पूरे आंकड़े अभी तक नहीं मिले हैं लेकिन ‘जॉबलेस ग्रोथ’ की बात सही नहीं है। हर क्षेत्र में निवेश बढ़ने के संकेत हैं। सीमेंट, स्टील, कोयला जैसे उद्योगों में जो समस्याएं थीं वे खत्म होने लगी हैं और मांग बढ़ने के संकेत हैं। तमाम सेवा क्षेत्रों की प्रगति भी उम्मीद के मुताबिक है। जीडीपी के आंकड़ों के मुताबिक हर तरह के सेवा उद्योग में औसतन नौ फीसद की वृद्धि दर है। ऐसे में आने वाले दिनों में रोजगार बढ़ने के संकेत हैं।

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पिछले हफ्ते सरकार की तरफ से जारी आंकड़े बताते हैं कि वर्ष 2015-16 में देश की आर्थिक विकास दर 7.6 फीसद व चौथी तिमाही (जनवरी-मार्च, 2016) में यह 7.9 प्रतिशत रही है। सरकार मान रही है कि बेहतर मानसून, निवेश व सरकारी खर्चे में हो रही बढ़ोतरी की वजह से इस वर्ष विकास दर 8.5 फीसद तक जा सकती है।

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