हिमायत बेग की फांसी माफी के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जाएगी महाराष्ट्र सरकार

Jun 14, 2016
पुणे के जर्मन बेकरी ब्लास्ट मामले में महाराष्ट्र सरकार हिमायत की फांसी और सजा माफी के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील करेगी

नई दिल्ली, (जागरण ब्यूरो)। पुणे में हुए जर्मन बेकरी विस्फोट मामले में दोषी मिर्जा हिमायत बेग को फांसी की सजा दिलाने के लिए महाराष्ट्र सरकार सुप्रीम कोर्ट जाएगी। राज्य सरकार बेग की फांसी की सजा समाप्त करने और उसे आतंकवाद व राजद्रोह के आरोप से बरी करने के हाईकोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देगी।

महाराष्ट्र के पुणे स्थित जर्मन बेकरी में 2010 में हुए विस्फोट में 17 लोगों की मौत हो गयी थी और 50 अन्य घायल हो गये थे। इस मामले में हिमायत बेग मुख्य आरोपी और साजिशकर्ता है। विशेष अदालत ने बेग को फांसी की सजा सुनाई थी लेकिन हाईकोर्ट ने उसे आतंकवादी गतिविधियों और राजद्रोह के आरोप से बरी कर दिया था और उसे दी गई फांसी की सजा भी समाप्त कर दी थी। हाईकोर्ट ने बेग को गैरकानूनी गतिविधियों और विस्फोटक रखने के जुर्म में उम्रकैद की सजा सुनाई है। बेग फिलहाल आर्थर रोड सेन्ट्रल जेल में बंद है।

महाराष्ट्र सरकार हाईकोर्ट के फैसले से संतुष्ट नहीं है। सूत्र बताते हैं कि हाईकोर्ट के फैसले को सुप्रीमकोर्ट में चुनौती देने की तैयारी हो रही है। याचिका का मसौदा तैयार किया जा रहा है और 29 जून को नियमित कोर्ट खुलने के बाद याचिका दाखिल कर दी जाएगी। महाराष्ट्र का कहना है कि बेग के खिलाफ पर्याप्त सबूत होने के बावजूद हाईकोर्ट ने उसे आतंकवादी गतिविधियों के आरोप से बरी कर दिया। जांच एजेंसी के मुताबिक बेग जर्मन बेकरी कांड का मुख्य आरोपी और साजिशकर्ता है।

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