…जब महाराष्ट्र के सीएम फणनवीस को राष्ट्रपति से मिलेगी ज्यादा तनख्वाह

Aug 09, 2016
सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों के लागू होने के बाद महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री की सैलरी राष्ट्रपति से ज्यादा हो जाएगी

नई दिल्ली। बहुत जल्द ही महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री की तनख्वाह राष्ट्रपति का सैलरी से ज्यादा हो जाएगी। राष्ट्रपति को जहां मौजूदा समय में 1.5 लाख रुपए महीने की सैलरी मिलती है, वहीं मुख्यमंत्री फणनवीस को महीने में 2.5 लाख सैलरी मिलेगी। वर्ष 2008 में राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति की सैलरी निश्चित कर दी गयी थी।

सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों के लागू हो जाने के बाद जहां महाराष्ट्र के सीएम की सैलरी में इजाफा होगा, वहीं राज्यपाल के सचिव की भी सैलरी राज्यपाल से ज्यादा होगी। महाराष्ट्र के राज्यपाल सी विद्यासागर राव को जहां 1.10 लाख रुपए महीने की सैलरी मिलती है, वहीं राज्य के मुख्य सचिव को 2.25 लाख रुपए और राज्यपाल के सचिव को 1.44 लाख रुपए मिलेंगे। ये दोनों अधिकारी आइएएस कैडर के होते हैं।

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सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों के मुताबिक सचिव स्तर के अधिकारी की तनख्वाह 1.44 लाख, प्रमुख सचिव की सैलरी 1.82 लाख और अतिरिक्त मुख्य सचिव की सैलरी 2.05 लाख निर्धारित की गयी है। महाराष्ट्र सरकार द्वारा हाल ही में लिए गए एक फैसले के मुताबिक मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष की तनख्वाह मुख्य सचिव के तनख्वाह के बराबर रखने की सिफारिश की गयी थी।

आरबीआई के मुताबिक वेतन बढ़ोतरी की वजह से महाराष्ट्र पर सबसे ज्यादा टैक्स का बोझ बढ़ेगा। एक आंकड़े के अनुसार राज्य के खजाने पर करीब 21 हजार करोड़ का बोझ आएगा। हालांकि सरकार के इस फैसले का विधायक कपिल पाटिल ने ये कहते हुए विरोध किया था कि जब राज्य में शिक्षकों और दिव्यांगों को उनका सही हक नहीं मिल रहा है। ऐसे में विधायकों, मंत्रियों को अपना वेतन बढ़ाने का हक नहीं है।

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