केरल के ‘लव ट्राइएंगल’ का आस्‍ट्रेलिया में पति की हत्‍या के साथ हुआ अंत

Aug 30, 2016
केरल के ‘लव ट्राइएंगल’ का आस्‍ट्रेलिया में पति की हत्‍या के साथ हुआ अंत
पति के मरने के दस माह बाद पुलिस को पता चला कि हत्‍या के पीछे पत्‍नी का हाथ था। पुलिस ने पत्‍नी व उसके मित्र को गिरफ्तार कर लिया।

मेलबर्न। केरल के कोल्लम जिला के तीन निवासियों के बीच प्यार का त्रिकोणीय मामला सामने आया जिसका अंत आस्ट्रेलिया में हुआ। दरअसल कोल्लम के ये तीनों निवासी मेलबर्न में नौकरी कर रहे थे और इस बीच पत्नी ने पति की हत्या कर दी। पति के घरवालों को मौत की खबर दी पर हकीकत छिपा रहा। लेकिन इस मामले को संदिग्ध नजर से देख रही मेलबर्न पुलिस ने अपनी जांच जारी रखी और मौत के पीछे अपराधी पत्नी का खुलासा किया।

पिछले वर्ष अक्टूबर में सैम की पत्नी, सोफिया मृत पति के शव को घर लेकर आयी, अंतिम संस्कार किया और तुरंत मेलबर्न लौट गयी जहां वह जॉब करती थी। उसने अपने ससुराल वालों से कहा कि अचानक दिल का दौरा पड़ने से सैम की मृत्यु हो गई। हालांकि मेलबर्न पुलिस को इस मामले पर संदेह था और अंतत पिछले हफ्ते इसने जांच की पूरी कर ही ली। सैम को सोफिया ने सायनाइड जहर दे दिया था। पुलिस ने सोफिया व उसके मित्र, अरुण कमलासानन जिससे वह प्यार करती थी, को गिरफ्तार कर लिया। अरुण भी कोल्लम का रहने वाला था और मेलबर्न में नौकरी कर रहा था।

अगले साल 13 फरवरी तक दोनों हिरासत में रहेंगे। सोफिया के सात वर्षीय बेटे को उसकी बड़ी बहन सोनिया को सौंप दिया गया जो मेलबर्न में ही नर्स का काम करती है। सैम और सोफिया बचपन के दोस्त थे। सोफिया रिटायर डिफेंस ऑफिसर की बेटी थी और कॉलेज में उसकी मुलाकात कमलासानन से हुई। उसने इलेक्ट्रॉनिक्स में एमएससी की पढ़ाई की और बेंगलुरु व तिरुअनंतपुरम में आइटी प्रोफेशनल के तौर पर काम किया। 2008 में उसकी शादी सैम से हो गई। जबकि सैम के पिता का कहना है कि दोनों की दोस्ती बड़े होने पर प्यार में बदल गई थी। शुरुआत में मैंने शादी का विरोध किया था लेकिन सोफिया ने कहा कि अगर शादी नहीं हुई तो वह खुदकुशी कर लेगी।

बड़ी बहन की मदद से वह मेलबर्न गई। उस वक्त सैम ओमान में काम कर रहा था। 2013 में वह भी मेलबर्न चला गया। कमलासानन मेलबर्न में 2008 से था। विवाहित कमलासानन का एक बेटा भी है।

सैम के पिता ने कहा कि परिवार को कभी भी इस मामले के बारे में नही पता था और न ही उन्होंने कमलासासन के बारे में कभी सुना। सैम की मौत के बाद प्रत्येक शनिवार को सोफिया का फोन आता था।

सैम के पिता अब्राहम ने कहा, पिछले वर्ष हुए हमले के बारे में सैम ने हमें बताया था। मेलबर्न के रेलवे स्टेशन पर उसकी जान लेने की कोशिश की गई थी। उस वक्त हमलावरों के बारे में कुछ पता नहीं चल पाया था। पर अब पुलिस का संदेह कमलासानन पर है।

इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार, पिछले वर्ष अक्टूबर में सैम अपने घर आया था और उसने पिता से कहा, ‘मुझे अधिक समय तक नहीं जीना।‘ सैम के पिता ने कहा, ‘इस बात पर मैंने मारा और कहा इतनी कम उम्र में तुम कैसे मर सकते हो। मैंने उससे कहा कि इस तरह की बातें न किया करे।‘ 11 अक्टूबर 2015 को वो वापस लौट गए। तीन दिनों बाद सोफिया ने हमें सूचना दिया कि नींद में दिल का दौरा पड़ने से सैम की मौत हो गई। सोफिया अपने बेटे व बड़ी बहन के साथ सैम के मृत शरीर को लेकर घर आयी। अंतिम संस्कार के चार दिन बाद वह मेलबर्न चली गई।

मेलबर्न जाने से पहले सोफिया ने सैम के मृत्यु प्रमाण पत्र को दिखा स्थानीय बैंक में सभी डिपॉजिट को अपने व बेटे के नाम ट्रांसफर करा लिया। परिवार के कुछ लोगों को सैम के मौत के कारणों पर विश्वास नहीं हुआ व सोफिया के संदिग्ध व्यवहार को देखते हुए वे उससे सवाल करना चाहते थे लेकिन सैम के पिता ने मना कर दिया। हम अपने पोते की कस्टडी चाहते हैं लेकिन ऑस्ट्रेलिया में कानूनी लड़ाई के लिए हमारे पास रिसोर्सेज नहीं हैं, कभी कभी लगता है कि पोते के बड़े होने तक हमें इंतजार करना चाहिए।

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