प्‍यार में ‘इनसिक्‍योरिटी’ ने करवाया ये काम…

Jun 06, 2016
एक ऐसी लव स्‍टोरी सामने आयी है जिसमें प्रेमिका की इनसिक्‍योरिटी ने प्रेमी की दोस्‍त दूसरी लड़की को सोशल मीडिया पर ‘प्रॉस्‍टीट्यूट’ करार कर पोस्‍ट कर दिए फोन नंबर समेत सारे डिटेल्‍स।

नई दिल्ली। एक युवक के प्यार में दीवानी 28 वर्षीया युवती से प्रेमी को दूसरी लड़की से बात और दोस्ती करना पसंद नहीं आया और उसे लगा कि उसका प्रेमी दूर जा रहा है बस फिर क्या था उसने बिना सोचे समझे प्रॉस्टीट्यूट के तौर पर सोशल नेटवर्किंग साइट्स और एसकार्ट सर्विस पेज पर उस लड़की के सारे पर्सनल इंफार्मेशन को पोस्ट कर दिया जिसमें उसका फोन नंबर भी शामिल था।

पुलिस के अनुसार, सीमा (बदला हुआ नाम) ने ऐसा काम किया क्योंकि उसने सोचा कि उसका पुरुष मित्र रवि (बदला हुआ नाम) पीड़िता आशा (बदला हुआ नाम) के नजदीक जा रहा है और उसकी ओर ध्यान नहीं दे रहा। इंस्टाग्राम व एस्कार्ट साइट्स पर आशा के नाम से 35-40 प्रोफाइल्स बना दिए गए- इससे प्रतिदिन उसे अनजान व्यक्तियों के फोन आने लगे।

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केस की तहकीकात करने वाले पुलिस अधिकारी ने बताया, ‘सीमा ने स्वीकारा कि वह हमेशा रवि को आशा से दूर रहने की सलाह देती थी। लेकिन यह नहीं हुआ।‘

आशा के परिवार के सदस्यों ने बताया कि आरोपी महिला ने इंस्टाग्राम पर 35-40 प्रोफाइल्स बना दिए और अनेकों साइट्स पर आशा के इमेल एड्रेस और फोन नंबर समेत सारे व्यक्तिगत इंफार्मेशन दे डाले जिससे सैंकड़ो फॉलोअर्स बन गए।

परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि एफआइआर दर्ज कराने के तीन माह बाद तक पुलिस कार्रवाई करने में असफल रही और इसलिए पीड़िता और उसके परिवार वालों को मदद के लिए कोर्ट जाना पड़ा।

आशा की बहन ने मेल टुडे को बताया, ’मेरी बहन को पहला अनजाना मैसेज फेसबुक पर फरवरी में आया, जिसमें उसके पुरुष मित्र से बात करने को नहीं कहा गया था। शुरुआत में उसने इग्नोर किया लेकिन कुछ दिनों बाद, अनेकों प्रोफाइल बन गए और एस्कार्ट सर्विस पेज पर उसके पर्सनल इंफार्मेशन को पोस्ट कर दिया गया। आरोपी ने इंस्टाग्राम पर भी 35-40 प्रोफाइल्स बना दिए। हमने नारायणा पुलिस स्टेशन में अंजान इंसान के खिलाफ केस दर्ज कराया।‘

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एस्कार्ट सर्विस पेज पर इमेल एड्रेस व फोन नंबर डाल दिए जाने के कारण इस दौरान आशा को उसके फोन पर प्रतिदिन लगातार मैसेजेस मिल रहे थे।

आशा की बहन ने आगे बताया कि केस रजिस्टर होने के बाद, पुलिस ने तीन माह तक कोई कार्रवाई नहीं की। परिवार वालों के साथ मेरी बहन प्रतिदिन पुलिस स्टेशन जा रही थी। इस घटना से वह इतनी ज्यादा अपसेट थी कि घर से बाहर निकलना तक छोड़ दिया था। जब भी कोई उसकी तरफ देखता तो उसे लगता कि उस आदमी ने उसकी प्रोफाइल को देख लिया होगा और उसे एस्कार्ट के तौर पर पहचाना होगा।

उन्होंने कहा, ‘अंतत: हमने कोर्ट से मदद मांगी और दरख्वास्त किया कि पुलिस को उचित जांच कर अपराधी को गिरफ्तार करने का आदेश दे। करीब चार माह बाद पुलिस ने आशा के परिवार को यह सूचना दी की इस क्राइम के पीछे जिसका हाथ है उसे पहचान लिया गया है। ‘पुलिस ने हमें नाम बताया, जिसे हम पहली बार सुन रहे थे। जब मेरी बहन ने इस नाम को सोशल मीडिया पर सर्च किया, तो रिजल्ट चौंकाने वाला था। उसने सीमा के घर पर रवि को देखा। जब पुलिस ने इसके बारे में पूछताछ की तो उसने शुरुआत में तो इंकार किया पर बाद में अपराध को कबूला। इसके बाद उसने सारा किस्सा बताया कि क्यों वह मेरी बहन को बदनाम करना चाहती थी। उसने कहा कि उसके पुरुष मित्र ने मेरी बहन से नजदीकी होने के कारण उससे बात करना बंद कर दिया था।’

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इस केस की छानबीन करने वाले पुलिस अधिकारी ने कहा, ‘यह मामला लव ट्राइएंगल का है जहां बदला लेने के लिए यह काम किया गया है।‘

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