GSLV इंजन का परीक्षण पूरा, आज से उल्टी गिनती शुरू

Sep 07, 2016
GSLV इंजन का परीक्षण पूरा, आज से उल्टी गिनती शुरू
भारतीय स्पेस एजेंसी ‘इसरो’ ने मौसम सैटेलाइट को लांच करने की पूरी तैयारी कर ली है।

चेन्नई। भारतीय स्पेस एजेंसी ‘इसरो’ मौसम विज्ञान के क्षेत्र में जीएसएलवी के जरिए इनसेट-3 डीआर लांच कर रही है। यह मौसम संबंधित सैटेलाइट है और इसे श्रीहरिकोटा के सतीश धवन स्पेस सेंटर से 8 सितंबर को लांच होना है। भारत के ‘जियोसिंक्रोनस सैटेलाइट लॉन्च व्हिकल’ की ये दसवीं उड़ान ‘जीएसएलवी-एफ05’ होगी।

गुरुवार को स्वदेशी क्रायोनिक इंजन वाले पहले ऑपरेशनल विमान के गुरुवार को लांचिंग की घोषणा के बाद से इसरो वैज्ञानिक टेक्नोलॉजी को लेकर निश्चिंत हैं। जीएसएलवी तीन स्टेज वाला लांच यान है और क्रायोनिक इंजन का उपयोग तीसरे या अंतिम स्टेज में किया गया है। एडवांस मौसम सैटेलाइट, ए2, 21 किग्रा इनसैट- 3डीआर श्रीहरिकोटा से जीएसएलवी-एफ 05 के साथ उड़ान भरेगा।

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इसरो वैज्ञानिक ने बताया, ‘जब हम नया रॉकेट बनाते हैं, तो हम इस बात को सुनिश्चित करते हैं कि यह उचित रूप से काम करेगा या नहीं। इस बात से निश्चिंत हो जाने के बाद हम इसके लांचिंग की तारीख तय करते हैं। जीएसएलवी-एफ05 इस सैटेलाइट को जियोस्टेशनरी ट्रांसफर ऑर्बिट में रखेगा जहां से सैटेलाइट अपने इंधन के साथ अपने फाइनल जियोस्टेशनरी ऑर्बिट में जाएगा।‘

क्रायोजेनिक इंजन में लिक्विड हाइड्रोजन का उपयोग इंधन के तौर पर होता है और लिक्विड ऑक्सीजन का ऑक्सीडाइजर के तौर पर जो इंधन का खपत करने में मदद करती है। यह लिक्विड रॉकेट इंजन की तुलना में बेहतर होती है।

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