भारतीयों को बकाया वेतन और एक्जिट वीजा दिलाने में जुटी सरकार

Aug 02, 2016
भारत सरकार अब ये कोशिश कर रही है कि उन भारतीय श्रमिकों को बकाए मजदूरी मिले जिन्हें कंपनी बंद होने के बाद नहीं मिल पाए हैं।

नई दिल्ली, प्रेट्र : सऊदी अरब में भारतीय दूतावास वहां कंपनियां बंद होने से बेरोजगार हुए हजारों भारतीय श्रमिकों का विवरण जुटा रहा है। यही नहीं, सरकार ने सऊदी अधिकारियों से नियोक्ता के अनापत्ति प्रमाणपत्र के बिना भारतीय श्रमिकों को एक्जिट वीजा उपलब्ध कराने का अनुरोध किया है। साथ ही उनसे भारतीय श्रमिकों का बकाया वेतन देने का भी आग्रह किया गया है।

सऊदी अरब में स्थिति का जायजा लेने और स्वदेश लौटने के इच्छुक लोगों को वापस लाने की प्रक्रिया को अंतिम रूप देने के लिए विदेश राज्य मंत्री वीके सिंह भी वहां पहुंच रहे हैं। वह शुक्रवार तक वहां रुकेंगे। फिलहाल, 7,700 भारतीय श्रमिक वहां करीब 20 शिविरों में रह रहे हैं। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विकास स्वरूप ने मंगलवार को बताया कि भारतीय दूतावास ने सोमवार को समुदाय के सामाजिक कार्यकर्ताओं और स्वयंसेवकों की एक बैठक बुलाई थी जिसमें राजदूत ने प्रभावित भारतीयों के बारे में जानकारी इकट्ठा करने में उनकी मदद मांगी।

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इसके लिए उन्हें एक प्रारूप मुहैया कराया गया है जिसमें जरूरी जानकारियां भरकर उसे दूतावास को देना है।खाड़ी क्षेत्र के मामले देख रहे वीके सिंह के मंत्रिमंडलीय सहयोगी एमजे अकबर ने मंगलवार को सऊदी अरब के राजदूत सऊद बिन मोहम्मद अल सती से मुलाकात की और नौकरी गंवा चुके भारतीयों को पेश आ रही मुश्किलों के बारे में उनसे चर्चा की। अकबर ने एक के बाद एक कई ट्वीट करके बताया कि सऊदी सरकार ने भारतीय श्रमिकों समेत सभी लंबित मुद्दों को हल करने का आश्वासन दिया है।

बता दें कि सार्वजनिक व्यय में कटौती और तेल की कीमतों में कमी की वजह से सऊदी अरब की अर्थव्यवस्था मंदी के दौर से गुजर रही है। इस कारण हजारों भारतीय श्रमिकों को अपनी नौकरी गंवानी पड़ी है। भारतीय दूतावास की ओर से ऐसे भारतीयों को खाना उपलब्ध कराया गया है जिनके पास इसे खरीदने के पैसे भी नहीं हैं। विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने सोमवार को कहा था कि सभी प्रभावित भारतीयों को स्वदेश वापस लाया जाएगा।

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विभिन्न शिविरों में रह रहे भारतीयविदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विकास स्वरूप ने बताया मेसर्स सऊदी ओगर में काम करने वाले 4,072 भारतीय श्रमिक रियाद के नौ शिविरों और दम्माम के एक शिविर में रह रहे हैं। मेसर्स साद ग्रुप से जुड़े 1,457 श्रमिक दम्माम के दो शिविरों में रह रहे हैं। मेसर्स शिफा सनाया के पांच श्रमिक रियाद के शिविर में और मेसर्स तेया कांट्रेक्टिंग कंपनी के 13 श्रमिक एक शिविर में रह रहे हैं।

उन्होंने बताया कि 14 शिविरों में रह रहे कुल 5,547 भारतीय श्रमिकों को रियाद स्थित भारतीय दूतावास ने सहायता उपलब्ध कराई है। इसके अतिरिक्त मेसर्स सऊदी ओगर से जुड़े 2,153 भारतीय श्रमिक जेद्दा के छह शिविरों में रह रहे हैं। उन्हें भारतीय वाणिज्य दूतावास ने भोजन उपलब्ध कराया है।

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