सार्क सम्मेलन के दौरान पाक के साथ नहीं होगी द्विपक्षीय वार्ता-भारत

Aug 04, 2016
सार्क सम्मेलन के दौरान गृहमंत्री राजनाथ सिंह आतंकी हाफिज सईद और दाऊद का मुद्दा उठा सकते हैं।

जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। भारत ने साफ कर दिया है कि पाकिस्तान के साथ द्विपक्षीय बातचीत नहीं होगी। केंद्रीय गृह सचिव राजीव महर्षि ने कहा कि सार्क सम्मेलन के दौरान तय एजेंडे पर ही बातचीत होगी।

आतंकी संगठनों के विरोध प्रदर्शनों के बीच गृहमंत्री राजनाथ सिंह सार्क सम्मेलन में भाग लेने के लिए इस्लामाबाद पहुंच गए हैं। माना जा रहा है कि वीजा, आतंकवाद, संगठित अपराध जैसे मुद्दों पर दक्षेस के गृहमंत्रियों की बैठक में राजनाथ सिंह अंडरव‌र्ल्ड सरगना दाऊद इब्राहिम और मुंबई हमले के गुनहगार हाफिज सईद का मुद्दा उठाएंगे।

जाने के पहले राजनाथ सिंह ने आतंकवाद और संगठित अपराध पर लगाम लगाने के लिए दक्षेस देशों के साथ उपयोगी वार्ता की उम्मीद जताई है। बुरहान वानी की मौत के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनातनी के बीच राजनाथ सिंह की यात्रा का आतंकी संगठन विरोध कर रहे हैं। ऐसे में भारत और पाकिस्तान के गृहमंत्रियों की संभावना को पहले ही नकारा जा चुका है। लेकिन दक्षेस मंच का इस्तेमाल करते हुए राजनाथ सिंह पाकिस्तान को भारत में आतंकी हमले करने वाले लश्करे तैयबा और जैश ए मोहम्मद जैसे आतंकी संगठनों पर लगाम लगाने को कह सकते हैं।

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लश्कर-ए- तैयबा का प्रमुख हाफिज सईद मुंबई हमले का गुनहगार है, जबकि अजहर मसूद के जैश ए मोहम्मद ने इसी साल पठानकोट एयरबेस में आतंक हमले का आरोप है। लेकिन पाकिस्तान सबूत के अभाव का बहाना बनाकर उनके खिलाफ कार्रवाई से बचता रहा है। आतंकी संगठनों के साथ-साथ दक्षिण एशिया के सबसे बड़े संगठित अपराधी गिरोह डी कंपनी के दाऊद इब्राहिम पर लगाम लगाने का मुद्दा भी उठा सकते हैं। 1993 में मुंबई में सिलसिलेवार बम धमाके का आरोपी दाऊद पिछले 23 सालों से पाकिस्तान में है और भारत उसे वापस देने की मांग कर रहा है।

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भारत पाकिस्तान को दाऊद के ठिकाने के ढेरों सबूत दे चुका है, लेकिन पाक इसे मानने को तैयार नहीं है। संगठित अपराध को रोकने पर कोई भी चर्चा दाऊद के बिना नहीं हो सकती है। राजनाथ सिंह गुरूवार को होने वाले गृहमंत्रियों की बैठक में ये सभी मुद्दे उठा सकते हैं। इसके पहले बुधवार को गृहसचिवों की बैठक में सभी मुद्दों पर चर्चा हुई। गृहसचिव राजीव महर्षि के नेतृत्व में गृह और विदेश मंत्रालय के अधिकारियों का प्रतिनिधिमंडल मंगलवार को ही इस्लामाबाद पहुंच चुका है।

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