कालाधन निकालने को सरकार ने लगाया ऐड़ी-चोटी का जोर

Jul 05, 2016
काले धन को वापस लाने के अपने वादे को पूरा करने के लिए मोदी सरकार ने अब पूरा जोर लगा दिया है।

जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। देश में छुपे कालेधन को वापस निकालने के लिए सरकार ने एड़ी-चोटी का जोर लगा दिया है। इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि कालेधन का खुलासा करने की योजना शुरु होने के महीने भर के भीतर ही आयकर विभाग देशभर में इस योजना का प्रचार करने के लिए अलग-अलग शहरों में अब तक लगभग एक हजार बैठकें कर चुका है। वित्त मंत्रालय के आला अफसरों से लेकर आयकर विभाग के क्षेत्रीय कार्यालयों में तैनात हर स्तर के अधिकारी कालाधन निकालने की इस योजना को परवान चढ़ाने में जुट गए हैं।

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आयकर विभाग के सूत्रों ने कहा कि अघोषित आय का खुलासा करने वाली योजना को लेकर उद्योग जगत, व्यापारिक जगत और समाज के अलग-अलग वर्गो के साथ अब तक देशभर में करीब 1000 बैठकें हो चुकी हैं। आयकर विभाग का मुख्य जोर रीएल एस्टेट और ज्वैलरी पर है। विशेषकर इस क्षेत्र के लोगों को कालेधन की योजना के बारे में जानकारी देकर अघोषित आय का खुलासा करने को कहा जा रहा है। यही दोनों ऐसे क्षेत्र हैं जहां आम तौर पर अघोषित आय के मामले सामने आते हैं। इसके अलावा चार्टेड एकाउंटेंड जैसे पेशेवरों और दुकानदारों को भी इस योजना के मुख्य प्रावधानों से परिचित कराया जा रहा है।

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उल्लेखनीय है कि कालेधन का खुलासा करने वाली योजना एक जून को शुरु हुई है और यह 30 सितंबर तक चलेगी। वित्त मंत्री अरुण जेटली ने इस साल के आम बजट में इस योजना की घोषणा की थी। पिछले महीने आयकर अधिकारियों के सम्मेलन में भी सरकार ने इस योजना को सफल बनाने के लिए अधिकारियों को कारगर रणनीति अपनाने को कहा था। आयकर अधिकारियों की बैठक के बाद ही अलग-अलग शहरों में कारोबारियों के बीच कालेधन की इस योजना का अलख जगाने का फैसला किया गया।

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कालेधन का खुलासा करने संबंधी इस योजना की खासियत यह है कि जो भी व्यक्ति अपनी अघोषित आय का खुलासा करेगा, उस पर आयकर सहित विभिन्न कानूनों के तहत कोई भी कार्रवाई नहीं होगी। हालांकि 45 प्रतिशत टैक्स और पेनाल्टी का भुगतान करना होगा। यह योजना 30 सितंबर तक चलेगी और इसके तहत अपनी अघोषित आय का खुलासा करने वाले लोगों को टैक्स व पेनॉल्टी का भुगतान 30 नवंबर तक करना होगा।

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