बाढ़ और बारिश से बेहाल हुआ उत्तर भारत, कई शहरों में घुसा पानी

Aug 21, 2016
बाढ़ और बारिश से बेहाल हुआ उत्तर भारत, कई शहरों में घुसा पानी
देश के कई राज्यों पर बारिश और बाढ़ का कहर बरपा हुआ है। उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान, बिहार, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश जैसे राज्यों को बारिश ने अपनी चपेट में ले रखा है।

नई दिल्ली (जेएनएन)। उत्तर भारत में लगातार हो रही भारी बारिश से कई राज्यों में बाढ़ के हालात पैदा हो गए हैं। उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्यप्रदेश, और राजस्थान इस समय भयंकर बाढ़ की चपेट में है। घाघरा और सोन सहित कई नदियां लबालब हो गई हैं। नतीजतन बिहार की राजधानी पटना, उत्तर प्रदेश के इलाहाबाद, वाराणसी और बलिया सहित कई शहरों में बाढ़ का पानी फैलने लगा है।

बिहार में रिहायशी इलाकों में घुसा पानी

आलम यह है कि गंगा के जलस्तर में एक मीटर और वृद्धि हुई तो पूरा पटना शहर जलमग्न हो जाएगा। नदियां यहां खतरे के निशान से ऊपरबिहार में गंगा सहित पांच नदियां पटना, भागलपुर, खगड़िया, कटिहार, सिवान, भोजपुर और बक्सर में खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। गंगा पटना जिले के दीघाहाट, गांधी घाट, हाथीदह, भागलपुर में कहलगांव, बक्सर में खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। अन्य नदियों में सोन नदी भोजपुर के कोइलवर और पुनपुन नदी पटना के श्रीपालपुर में खतरे की सीमा रेखा को पार कर गई है।

सिवान में घाघरा, कटिहार के बालताड़ा और कुर्सेला में कोसी का कहर कायम है। पानी पटना शहर के गंगा अपार्टमेंट में सीवर पाइप के जरिए बाढ़ का पानी पहुंच गया। गंगा अपार्टमेंट अशोक राजपथ से लगते हुए गंगा तट पर स्थित है। अपार्टमेंट के 125 फ्लैट में करीब 500-600 लोग रहते हैं। जिले की 25 पंचायतों के 50 हजार लोग बाढ़ में फंसे हुए हैं। उन्हें सुरक्षित स्थान पर ले जाने के लिए 90 नावें लगाई गई हैं। भागलपुर के शहरी क्षेत्र में राजकीय अभियंत्रण महाविद्यालय में बाढ़ का पानी फैलने से पढ़ाई ठप है।

शनिवार को तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय के उत्तरी हिस्से में बाढ़ का पानी फैलने से विश्वविद्यालय प्रबंधन ने महिला पीजी होस्टल को तत्काल खाली करने का आदेश जारी कर दिया है। बिगड़े हालात से निपटने के लिए एनडीआरएफ की पांच टीमें पटना और दो टीमें वैशाली में तैनात की गई हैं। राज्य सरकार के अनुरोध पर एनडीआरएफ की पांच टीमें और पटना पहुंचने वाली हैं। ताकि राहत और बचाव कार्य में तेजी लाई जा सके। बलिया में भी बाढ़ से बचाव के लिए एनडीआरएफ बुला ली गई है।

उत्तर प्रदेश: खतरे के निशान से ऊपर बह रही है गंगा

वाराणसी शहर में नाव चलने की नौबत वाराणसी में गंगा में उफान लगातार जारी है। पलट प्रवाह से वरुणा में भी उफान की स्थिति है और कई तटीय इलाकों में स्थिति दुरूह बनी हुई है। गंगा के तटवर्ती क्षेत्रों और शहर के कई इलाकों में नाव चलने तक की नौबत आ गई है। इलाहाबाद में यमुना ने भी शनिवार को खतरे के निशान को पार कर गई। गंगा के बाद यमुना के लाल निशान पार करने से कछारी क्षेत्रों में रहने वालों की मुश्किल बढ़ा दी है। उत्तर प्रदेश के पूर्वाचल में गंगा व घाघरा संग अन्य सहायक नदियों का कहर जारी है। डीएम ने शासन से एनडीआरएफ व जल पुलिस की मदद मांगी है।

गंगा के जलस्तर में वृद्धि के कारण पानी बलिया शहर के बेदुंआ व जापलिनगंज इलाके में सड़क पर पहुंच गया है। मीरजापुर में सेना को सतर्क कर दिया गया है। भदोही, चंदौली और गाजीपुर जिलों की स्थिति भी कमोबेश ऐसी ही है। सोनभद्र में दो हजार से अधिक मकानों के डूबने की आशंका है। कई एनएच बाधित एनएच-19 के छपरा-हाजीपुर वाले हिस्से में चिरांद से सिंगही, अवतार नगर और डोरीगंज वाले इलाके में सड़क पर पांच फीट पानी है। इस कारण इस इलाके में परिचालन ठप हो गया है। वहीं एनएच-19 के रिविलगंज के समीप भी सड़क पर दो फीट पानी है। यह सड़क मांझी होते हुए बलिया जाती है। वहीं पटना जिले के एनएच 30-ए के संबंध में बताया गया कि दनियावां के समीप काउजवे पर छह इंच पानी चढ़ गया है।

मध्य प्रदेश में बारिश से 16 की मौत

मध्य प्रदेश में बीते 24 घंटे से हो रही बारिश से अब तक 16 लोगों की मौत हो चुकी है। राहतगढ़ और कटनी में ही मकान गिरने से नौ जानें जा चुकी हैं। विंध्य, बुंदेलखंड सहित कई इलाकों में नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। रीवा में 160, सतना में 62, पन्ना में 41 गांव पानी से घिरे हुए हैं। 64 से यादा राहत शिविर खोले गए हैं, जिनमें छह हजार से यादा लोग रह रहे हैं। सेना के साथ एनडीआरएफ के जवान बचाव काम में लगाए गए हैं। सतना में दो हेलीकॉप्टर तैनात किए गए हैं। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शनिवार सुबह मुख्यमंत्री निवास पर बारिश से उपजे हालातों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि बांधों से एक साथ पानी न छोड़ा जाए। मृतकों के परिजनों को चार-चार लाख रुपये राहत राशि देने की घोषणा की गई है।

उत्तराखंड: पौड़ी में बादल फटा, एक ही परिवार के पांच लोग जिंदा

उत्तराखंड में हो रही बारिश आफत का सबब बनी है। पौड़ी जिले के मरखोला गांव में शनिवार शाम बादल फटने से एक मकान ध्वस्त हो गया। मलबे में एक ही परिवार के पांच सदस्य जिंदा दफन हो गए। गांव में कई घरों में मलबा घुसने से नुकसान हुआ है। यही नहीं मलबा आने से पौड़ी-श्रीनगर मार्ग बाधित हो गया। वहीं केदारनाथ और बदरीनाथ राजमार्ग बंद हैं। इसके अलावा राय के पर्वतीय क्षेत्रों में 89 संपर्क मार्ग भी बाधित हैं। पौड़ी से 33 किलोमीटर दूर मरखोला गांव में शनिवार शाम करीब सात बजे बादल फटा। इसके चलते आए मलबे की चपेट में आकर एक मकान ध्वस्त हो गया, जबकि कई घरों में मलबा घुस गया। इस घटना से गांव में अफरातफरी मच गई।

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