बिजली स्कीमों में गड़बड़ी पर रोकेंगे राज्यों का फंड: पीयूष गोयल

Jun 17, 2016
केंद्रीय बिजली मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि केंद्र की स्कीमों के तहत अगर उपकरण और सामग्री खरीद में कोई अनियमितता पाई जाती है तो राज्यों का फंड रोक दिया जाएगा।

पणजी, (पीटीआई)। केंद्र की फ्लैगशिप स्कीमों के तहत उपकरण और सामग्री की खरीद में अनियमितता पाए जाने पर राज्यों को दिया जाने वाला फंड रोक दिया जाएगा। केंद्रीय बिजली मंत्री पीयूष गोयल ने गुरुवार को यहां राज्य सरकारों को यह चेतावनी दी। गोयल यहां राज्यों व केंद्रशासित प्रदेशों के बिजली मंत्रियों के दो दिनी सम्मेलन में हिस्सा ले रहे हैं। दीनदयाल ग्राम ज्योति योजना व एकीकृत बिजली विकास योजना के तहत राज्यों को ग्रामीण विद्युतीकरण और शहरी बिजली ढांचे के उन्नयन के लिए बड़े पैमाने पर मदद दी जा रही है।

गोयल ने कहा, ‘मैं साझा खरीद पूल में शामिल न होने के इच्छुक राज्यों से अनुरोध करता हूं कि वे इसके लाभों को समझें। खरीदी जाने वाली सामग्री और उपकरणों को लेकर पूल के साथ अपने मानकों व मूल्यों की हर तरह की तुलना करें। उसके बाद ही खरीद का कोई फैसला करें। हम उत्पादों से संबंधित तकनीकी और गुणवत्ता पर निगरानी रख रहे हैं। अगर किसी राज्य की ओर से उपकरण व सामग्री की खरीद में कोई गड़बड़ी मिली, तो केंद्र को उसकी वित्तीय मदद रोकने में देर नहीं लगेगी।’

इस सम्मेलन में भाग नहीं लेने वाले राज्यों के खिलाफ भी गोयल ने नाराजगी जताई। इस मौके पर केंद्र सरकार ने राज्यों की बिजली वितरण कंपनियों से कोयले का आयात फौरन बंद करने को कहा। कोयला सचिव अनिल स्वरूप के मुताबिक, बिजली कंपनियां आयात के बजाय कोल इंडिया की ओर से उत्पादित कोयला खरीदें। फिलहाल कोल इंडिया के पास कोयले का भारी स्टॉक जमा हो रहा है। उससे कोयला लेने वाले कम पड़ रहे हैं।

बिजली चोरी में उद्योग और बड़े लोग शामिल

गोयल ने बिजली की चोरी करने वाले को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि उद्योग के साथ बड़े लोग इसमें शामिल हैं, न कि गरीब। लाइनमैन व बिजली विभाग के अफसरों को रिश्वत की पेशकश की जाती है। हो सकता है इसमें राजनेता भी शामिल हों। उन्होंने बिजली चोरी में शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की और कहा कि इससे आम लोगों को लाभ होगा।

केंद्रीय मंत्री ने कहा, ‘मत सोचिये कि अगर आपने बिजली चोरी के खिलाफ कार्रवाई की तो आपको राजनीतिक नुकसान होगा। गरीब लोग बिजली चोरी में शामिल नहीं हैं। किसान यह काम नहीं करता, क्योंकि उसे पहले से सस्ती बिजली मिल रही है। अधिकतम चोरी उद्योग के क्षेत्र में है। बड़े लोग भी इसमें शामिल हैं। चोरी रोकना आपके लिए फायदे का सौदा है, क्योंकि इसके जरिये आप आम लोगों के बिजली बिल में कमी लाकर उन्हें लाभ पहुंचाएंगे। अगर ईमानदारी से काम करते हुए लोगों को यह बता पाए कि आप उनके फायदे के लिए ऐसा कर रहे हैं, तो यकीन मानिए राजनीतिक रूप से बिजली चोरी रोकना फायदेमंद रहेगा।’

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