उना में दलित अस्मिता मार्च, मैला न ढोने का संकल्प लिया

Aug 15, 2016
दलितों ने कहा कि सरकार राज्य में हर दलित परिवार को 5 एकड़ जमीन दे। इसके साथ ही वहां मौजूद लोगों ने गाय की चमड़ी उतारने के काम को छोड़ने का भी संकल्प लिया।

अहमदाबाद(प्रेट्र)। स्वतंत्रता दिवस के मौके पर गुजरात के उना में दलित संगठनों ने बड़ी रैली की। रैली में उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर सरकार ने उनकी मांग एक महीने के भीतर पूरी नहीं की तो वे राज्य में एक बड़ा रेल रोको आंदोलन करेंगे।

उनकी मांग है कि सरकार राज्य में हर दलित परिवार को 5 एकड़ जमीन दे। इसके साथ ही वहां मौजूद लोगों ने गाय की चमड़ी उतारने के काम को छोड़ने का भी संकल्प लिया। साथ ही दलितों का संदेश साफ था कि हम अब मैला ढोने और जानवरों को दफनाने का काम नहीं करेंगे।

इस मौके पर रोहित वेमुला की मां राधिका वेमुला और उना घटना के एक पीड़ित के पिता बालू सरवैया ने तिरंगा फहराया। रैली में जेएनयू छात्रसंघ अध्यक्ष कन्हैया कुमार भी मौजूद रहे। एक सप्ताह पहले उना दलित अत्याचार लादत समिति (यूडीएएलएस) की अहमदाबाद से शुरू रैली सोमवार को उना में जाकर समाप्त हुई। यूडीएएलएस संगठन के अध्यक्ष जिग्नेश मवानी ने कहा कि आप गाय की पूंछ ले लीजिए हमें जमीन दे दीजिए। हमने हमारी मांग राज्य सरकार के सामने रखी है। अगर सरकार ने हमारी मांग नहीं मानी तो हम अगले महीने से एक बड़ा रेल रोको आंदोलन करेंगे।

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उन्होंने वहां मौजूद लोगों से गाय की चमड़ी उतारने के काम को छोड़ने का संकल्प लेने के लिए कहा। रैली में मौजूद कन्हैया कुमार ने कहा कि मोदी के गुजरात मॉडल की राज्य के दलितों ने हवा निकाल दी है। रोहित वेमुला की मां राधिका वेमुला ने कहा कि हमें जातिवाद से आजादी चाहिए। हम खुद पर हो रहे अत्याचार नहीं सहेंगे। मुझे मेरे बेटे के लिए अभी तक न्याय नहीं मिला है। उसे दलित होने के कारण खुदकुशी करनी पड़ी थी। रैली में मुस्लिम समुदाय के भी लोग भी शामिल हुए। सबने मिलकर रैली में जय भीम, दलित-मुस्लिम भाई-भाई जैसे नारे लगाए।

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