गुलबर्ग सोसायटी केस 11 दोषियों को आजीवन कारावास की सजा

Jun 17, 2016
गुलबर्ग सोसायटी केस के पीड़ितों के लिए आज का दिन अहम है। अदालत ने 11 दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।

अहमदाबाद(पीटीआई)।गुलबर्ग सोसाइटी नरसंहार कांड में स्पेशल एसआटी कोर्ट ने सजा का ऐलान कर दिया है। 11 दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गयी है। वहीं 12 दोषियों को सात साल की सजा और एक दोषी को 10 साल की सजा सुनायी गयी है। सामाजिक कार्यकर्ता तीस्ता सीतलवाड़ ने कहा कि अदालत के फैसले से खुशी है। लेकिन कम सजा के ऐलान से निराशा भी हुई है।

स्पेशल जज पी बी देसाई ने दो जून को 24 आरोपियों को दोषी करार दिया था।

अभियोजन पक्ष ने इससे पहले विशेष जज पीबी देसाई को सभी दोषियों द्वारा जेल में बिताई गई अवधि को लेकर तैयार सूची सौंपी। इसके बाद कोर्ट ने सजा के एलान की तिथि मुकर्रर की। 11 आरोपियों को हत्या के मामले में दोषी करार दिया गया है। विश्व हिंदू परिषद के नेता अतुल वैद्य समेत 13 अन्य को अपेक्षाकृत कम गंभीर मामलों में दोषी ठहराया गया है। कोर्ट ने 36 अन्य को बरी कर दिया था।

अभियोजन पक्ष ने सभी दोषियों को फांसी की सजा देने की मांग की है। वहीं, बचाव पक्ष ने दोषियों की सामाजिक, आर्थिक, आपराधिक रिकॉर्ड और सुधार की गुंजाइश को ध्यान में रखते हुए सजा देने की बात कही है। गुजरात दंगे से जुड़े नौ मामलों की जांच सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में चल रही है। गुलबर्ग सोसाइटी नरसंहार का मामला भी इनमें से एक है। फरार दोषी ने किया समर्पणगुलबर्ग सोसाइटी नरसंहार कांड के फरार दोषी कैलाश धोबी ने सोमवार को एसआइटी कोर्ट के समक्ष समर्पण कर दिया। कोर्ट ने कैलाश को हत्या के मामले में दोषी करार दिया है। उसे दिसंबर में जमानत मिली थी, जिसके बाद से वह फरार था।

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