…तो जलते कोयले पर चलने को आगे आए पुलिस अधिकारी

Sep 16, 2016
…तो जलते कोयले पर चलने को आगे आए पुलिस अधिकारी
छत्‍तीसगढ़ के कई ऐसे इलाके हैं जहां अंधविश्‍वास ने अपना सिक्‍का जमा रखा है पर अब प्रशासन ने निर्णय लिया है कि इन गांवों में जाकर लोगों को इस बेकार के जकड़न से मुक्‍ति दिलाएगी।

रायपुर। अंधविश्वास के गिरफ्त वाले छत्तीसगढ़ के सुदूर इलाके में काला जादू को रोकने व इसके खिलाफ जागरुकता फैलाने के लिए पहल की गयी है। बिलासपुर रेंज के आइजी व मुंगेली सुप्रिटेंडेंट ऑफ पुलिस जलते हुए कोयले पर केवल इसलिए चले ताकि ग्रामीणों को यह साबित कर सकें कि यह काला जादू नहीं बल्कि विज्ञान का जादू है।

काला जादू कुछ नहीं…

काला जादू व अंधविश्वास के खिलाफ जागरुकता अभियान का आयोजन बिलासपुर डिविजन के मुंगेली में बुधवार को भटगांव में किया गया था जहां ग्रामीणों की बड़ी भीड़ जमा हुई। नागपुर से आयी टीम ने कई वैज्ञानिक प्रयोगों के बीच लोगों को दहकते हुए कोयलों पर चलने के लिए कहा और बताया कि आग पर चलने के लिए किसी दिव्य शक्ति की आवश्यकता नहीं होती बल्कि यह विज्ञान की शक्ति है।

चल दिए जलते कोयले पर

चार-पांच पर बुलाने के बाद भी जब कोई नहीं आया तो बिलासपुर रेंज के आइजी विवेकानंद सिन्हा व मुंगेली के एसपी नीतू कमल ही आगे आए।अपने पैरों पर एक मग पानी डालने के बाद दोनों पुलिस अधिकारी काफी आराम से जलते हुए कोयलों पर चले और वहां खड़े लोग चकित हो देखते रह गए।

हर दुर्घटना के पीछे डायन

एक अंग्रेजी अखबार के अनुसार, बिलासपुर आइजी विवेकानंद सिन्हा ने कहा, ‘इस क्षेत्र के स्थानीय अंधविश्वास से इस कदर जकड़े हुए हैं कि वे अपना इलाज भी यहां के बैगा-गुनिया के जादुओं में ढूंढते हैं। जब वहां फसल की हानि होती है या असमय मौत तो ये बैगा किसी महिला को इसका कारण बता उसे तोन्ही (डायन) बताते हैं और फिर उसे ग्रामीणों द्वारा प्रताड़ित और बहिष्कृत कर गांव से बाहर निकाल दिया जाता है। इसलिए वहां के बच्चों व ग्रामीणों को शिक्षित होना काफी जरूरी है ताकि वे इस अंधविश्वास के चक्कर में आने से बच जाएं।

सब है विज्ञान का चमत्कार

सिन्हा ने बताया,’इसलिए हमने नागपुर के अखिल भारतीय अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति से विशेषज्ञों की टीम बुलायी। ताकि लोगों को साबित किया जा सके यह कोई जादू या चमत्कार नहीं है बल्कि यह सब विज्ञान पर आधारित है।‘ टीम ने लोगों को बताया कि किस तरह त्रिशूल से जीभ काटने, नींबू से खून निकलने या जलते कोयले पर चलने के लिए दिव्य शक्ति की आवश्यकता नहीं होती।टीम ने आगे बताया,’जलते कोयले पर चलने के लिए रॉकेट साइंस की जरूरत नहीं, मैं दो बार चला इससे लोगों के बीच विश्वास पैदा हुआ कि यह असंभव काम नहीं है।‘

जारी रहेगा प्रयास

मुंगेली एसपी नीतू कमल ने कहा, शुरुआत में मैं कुछ डरा था लेकिन पैर पर पानी डालने के बाद मैं आसानी से चल सका। पर ग्रामीणों के बीच से अंधविश्वास को जड़ से हटाना एक दिन का काम नहीं है इसलिए अगले 6 महीनों तक ये ड्राइव जारी रहेगा। अधिकारियों ने बताया कि यह अवेयरनेस प्रोग्राम लोर्मी स्थित करीब 22 गांवों में चलायी जाएगी जो सबसे ज्यादा काला जादू और अंधविश्वास के चंगुल में हैं। आने वाले समय में रायगढ़, कोर्बा और बिलासपुर में ये ड्राइव चलाए जाएंगे।

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