CBI ने वीरभद्र के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल करने की मांगी अनुमति

Aug 23, 2016
CBI ने वीरभद्र के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल करने की मांगी अनुमति
वीरभद्र सिंह ने अपनी संभावित गिरफ्तारी रोकने के लिए दिल्ली हाई कोर्ट में याचिका दायर की। हाई कोर्ट ने 6 अप्रैल, 2016 को वीरभद्र सिंह को जांच में शामिल होने का निर्देश दिया

नई दिल्ली, जागरण संवाददाता। आय से अधिक संपत्ति मामले में सीबीआइ ने हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह, उनकी पत्नी व अन्य के खिलाफ दिल्ली हाई कोर्ट से आरोप पत्र दायर करने की अनुमति मांगी है। मंगलवार को सीबीआइ ने न्यायमूर्ति एके पाठक के समक्ष कहा कि मामले में आरोप पत्र तैयार है और उसे इसे दायर करने की अनुमति प्रदान की जाए।

सीबीआइ के वकील ने अपना पक्ष रखना शुरू ही किया था कि न्यायमूर्ति पाठक ने व्यक्तिगत कारणों से खुद को मामले से अलग कर लिया। उन्होंने सुनवाई करने से इन्कार करते हुए याचिका दूसरे न्यायमूर्ति के पास स्थानांतरित कर दी। अब मामले की अगली सुनवाई 30 अगस्त को होगी। अदालत में वीरभद्र सिंह के वकील ने अपना पक्ष रखने के लिए दो सप्ताह का समय मांगा। सीबीआइ के वकील ने इसका विरोध किया। गौरतलब है कि हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट ने वीरभद्र सिंह की याचिका पर 1 अक्टूबर, 2015 को अंतरिम आदेश में उनकी गिरफ्तारी, पूछताछ या अदालत की अनुमति के बिना इस मामले में सिंह के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल करने पर रोक लगा दी थी।

सीबीआइ ने इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी और सुप्रीम कोर्ट ने मामले को दिल्ली हाई कोर्ट में स्थानांतरित कर दिया था, लेकिन हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट के अंतरिम आदेश को बरकरार रखा था। इसके बाद वीरभद्र सिंह ने अपनी संभावित गिरफ्तारी रोकने के लिए दिल्ली हाई कोर्ट में याचिका दायर की। हाई कोर्ट ने 6 अप्रैल, 2016 को वीरभद्र सिंह को जांच में शामिल होने का निर्देश दिया, लेकिन गिरफ्तारी पर रोक लगा दी थी। वीरभद्र ने याचिका में आरोप लगाया था कि उन्हें फर्जी मामले में फंसाया जा रहा है और जांच एजेंसी दुर्भावनापूर्ण इरादे और राजनीतिक बदले की भावना से काम कर रही है।

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