पकड़े गए आतंकी का खुलासा, कश्मीर में अशांति के पीछे पाक आर्मी, लश्कर का हाथ

Aug 10, 2016
एनआईए ने कहा कि जिंदा पकड़े गए आतंकी बहादुर अली को लश्कर-ए-तैयबा ने ट्रेनिंग दी थी और वह कश्मीर में अशांति का फायदा उठाना चाहता था।

नई दिल्ली। पाकिस्तान की भारत में आंतक फैलाने की साजिशों की पोल खुलती जा रही है। आज एनआईए ने प्रेस वार्ता कर कश्मीर के कुपवाड़ा से जिंदा पकड़े गए पाकिस्तानी मूल के लश्कर आंतकी बहादुर अली का कबूल नामा दिखाया। आंतकी बहादुर अली ने सबके सामने कबूल किया है कि वो पाकिस्तान के लाहौर जिले का रहने वाला है। लश्कर ने उसे जेहाद करने की ट्रेनिंग दी थी। आंतकी ने एक के बाद एक कई खुलासे किए।

बहादुर अली ने एनआईए की कस्टडी में कबूल किया कि उसने 12 या 13 जून को पाकिस्तानी सुरक्षा बलों व अन्य आंतकवादियों की मदद से बॉर्डर क्रॉस किया था। उसे भारत में घुसपैठ कराते समय भी पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने पूरी सुरक्षा प्रदान की थी। साथ ही कहा था कि अगर एक जगह से फायरिंग होती है, तो बताए गए दूसरे रास्ते से सुरक्षित निकल जाना।

बता दें कि पाकिस्तान में बैठे उसके आकाओँ ने उसे कश्मीर में हिंसा के दौरान भीड़ में शामिल होकर सुरक्षा बलों पर ग्रनेड फेंकने को भी कहा था, ताकि अफरा तफरी मचाई जा सकी। साथ ही लोकल लोगों से मिलकर सुरक्षा बलों पर हमले और देश के अन्य भागों जैसे दिल्ली व उधमरपुर में भी हमले की तैयारी थी।

एनआईए ने बताया कि उसे ट्रेनिंग व हथियारों में पाकिस्तानी बलों को पूरा समर्थन मिला था। उसके पास मिले यंत्रों में अज्ञात क्षेत्रों में जाने के भी यंत्र है। साथ ही पाक सेना द्वारा ट्रेनिंग भी दी गई थी। उसके पास से मिले हथियार, ग्रनेड, दूरबीन, मैप सभी अत्याधुनिक है और केवल हाई लेवल पर पुलिस या सुरक्षा बल ही पाकिस्तान में इन्हें प्रयोग करते हैं। उसके पास से बिना सिम कार्ड के प्रयोग के मैसैज भेजने वाले फोन भी मिले। जिन्हें पाकिस्तानी सुरक्षा बल प्रयोग करते है। साथ ही जो मैप मिला है वो भी रबड़ का है ताकि पानी में खराब न हो सके। सभी हथियार पाकिस्तानी के हैं और वहां की सेना इसे प्रयोग करती है। उसके यंहा आने से पहले साल 2013 और 2014 में दौरा-ए-खास की ट्रेनिंग दी गई। जिसमें 30-40 आंतकवादियों के बैच होता है। इन बैचों की ट्रेनिंग साल भर चलती है।

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बहादुर अली की भर्ती अंतराराष्ट्रीय आंतकी हाफिज सईद के कुछ साथियों ने की थी। ट्रेनिग कै दैरान इन्हें जेहाद के वीडियों दिखाए जाते है और बोला जाता है कि दुनिया भर की मुसलमानों पर हो रहे अत्याचार के लिए सभी को जेहाद पर जाना है। भाषा के हिसाब से आंतकियों को अफगानिस्तान और भारत भेजा जाता है।

साथ ही एनआईएन ने ये भी बताया कि 25 जुलाई को कुपवाड़ा जिले में कुछ लोगों ने पुलिस को सूचना दी थी कि एक संदिग्ध व्यक्ति घूम रहा है। जिसके आधार पर उसे गिरफ्तार किया गया। इसके बाद उसने अपनी रहने की जगह की जानकारी दी। जिसके बाद जंगलो में रह रहे बहादुर अली के ठिकाने पर छापा मारा गया और वहां से हथियार व बाकी चीजें बरामद की गई।

बहादुर अली ने ही अपने चार आंतकी साथियों की जानकारी सुरक्षा बलों को दी। जिसके बाद 26 जुलाई को चारों को गिरफ्तार करने गई सेना के साथ क्रॉस फायरिंग में उन्हें मार गिराया गया। बहादुर अली को पकड़ने के बाद एनआईए के हवाले कर दिया गया था। एनआईए ने मामले में 2 केस रजिस्टर किए हैं। गौरतलब है कि कल ही विदेश सचिव एस जयशंकर ने भारत में पाकिस्तान उच्चायुक्त बासित को बुलाकर मामले की जानकारी दी थी और पाकिस्तान से हो रहे घुसपैठ पर कड़ी चेतावनी भी दी थी।

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