इंसानियत शर्मसार : मलकानगिरी में बेटी का शव लेकर 6 किमी पैदल चला एक पिता

Sep 03, 2016
इंसानियत शर्मसार : मलकानगिरी में बेटी का शव लेकर 6 किमी पैदल चला एक पिता
कालाहांडी में दाना मांझी वाले मामले को अभी कुछ दिन भी नहीं हुए थे कि मलकानगिरी में इसी तरह की एक और घटना सामने आई है।

मलकानगिरी (एजेंसी)। अभी कुछ दिन पहले ही ओडिशा के कालाहांडी में ऐसी तस्वीरें सामने आयी थी जिसने इंसानियत को शर्मसार कर दिया था। दाना मांझी नाम के एक शख्स को एंबुलेंस मिलने के कारण अपनी पत्नी के शव को कंधे पर लेकर करीब 10 किलोमीटर तक चलना पड़ा था।

दाना मांझी के मामले को बीते हुए अभी 10 दिन भी नहीं हुए थे कि ओडिशा में एक और शख्स को अपनी सात साल की बेटी का शव लिए कई किलोमीटर तक पैदल चलने को इसलिए मजबूर होना पड़ा क्योंकि जिस एंबुलेंस में वह सवार थे उसने कथित रूप से उन्हें बीच रास्ते में ही उतार दिया।

बताया जा रहा है कि एंबुलेंस ड्राइवर को जब पता चला कि लड़की मर गई है तो उसने लड़की के माता-पिता को एंबुलेंस से नीचे उतरने के लिए कहा। लड़की के माता-पिता उसे एंबुलेंस से मलकानगिरी के एक अस्पताल ले जा रहे थे।

मलकानगिरी के घुसापल्ली की रहने वाली सात वर्षीय बरसा खेमुडू की मौत तब हो गई जब उसके माता-पिता उसे मिथाली अस्पताल से एंबुलेंस के जरिए मलकानगिरी जिला अस्पताल ले जा रहे थे। लड़की के पिता दीनाबंधु खेमुडू ने बताया, ‘जैसे ही ड्राइवर को पता चला कि हमारी बेटी की मौत रास्ते में ही हो गई है, उसने हमसे एंबुलेंस से उतर जाने को कहा.’

इस घटना के बारे में तब पता चला जब स्थानीय लोगों ने उन्हें बेटी के शव के साथ देखा। गांव वालों ने स्थानीय बीडीओ से शव को ले जाने के लिए वाहन की मांग की। इसी बीच जिले के कलेक्टर के सुदर्शन ने चीफ डिस्ट्रिक्ट मेडिकल ऑफिसर से इस घटना की जांच के लिए कहा। यही नहीं ड्राइवर के खिलाफ भी पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज हो चुकी है।

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