कश्मीर हिंसा के चलते धीरे-धीरे अमरनाथ यात्रा का आंकड़ा सिमटने लगा

Aug 10, 2016
कश्मीर में जारी पिछले करीब एक महीने से ज्यादा समय से हिंसा के चलते अमरनाथ यात्रा के श्रद्धालुओं का आंकड़ा पिछले पांच वर्षों की तुलना में काफी कम रहा।

राज्य ब्यूरो, जम्मू : कश्मीर में खराब हालात ने अमरनाथ यात्रा में श्रद्धालुओं के आंकड़े पर खूब असर डाला है। श्रद्धालुओं का मौजूदा आंकड़ा पिछले पांच वर्षो से भी कम रहा है। अब तक पवित्र शिवलिंग के सवा दो लाख श्रद्धालु दर्शन कर पाए हैं। जबकि यात्रा संपन्न होने में एक सप्ताह रह गया है। दो जुलाई से शुरू हुई यात्रा के शुरुआत में श्रद्धालुओं का भारी उत्साह देखने को मिला।

पहले दस दिन में डेढ़ लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने दर्शन किए थे। इसके बाद आठ जुलाई में आतंकी बुरहान की मौत के बाद कश्मीर में हालात बिगड़ गए। बावजूद श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला जारी रहा। हालात अधिक खराब होने, श्रद्धालुओं के वाहनों पर पथराव, मारपीट की घटनाओं के कारण भोले के भक्तों की संख्या कम होती गई। यात्रा के लिए दो लाख साठ हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने एडवांस पंजीकरण करवाया था।

साठ हजार श्रद्धालुओं ने करंट पंजीकरण करवा कर यात्रा की। पिछले वर्ष एक लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने करंट पंजीकरण करवाया था। यात्रा में आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या एक सौ से भी कम हो गई है।

2011 में 6.35 लाख

2012 में 6.21 लाख

2013 में 3.54 लाख

2014 में 3.73 लाख और

2015 में 3.52 लाख

68 श्रद्धालुओं का जत्था रवाना

यात्री निवास भगवती नगर से बुधवार दोपहर को मात्र 68 श्रद्धालुओं का जत्था रवाना हुआ। रवाना हुए जत्थे में 59 पुरुष और 9 महिलाएं शामिल थे जो तीन वाहनों पर सवार होकर यात्रा पर गए। अठारह अगस्त को रक्षा बंधन वाले दिन छड़ी मुबारक के दर्शनों के साथ ही यात्रा संपन्न हो जाएगी।

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