ऑल पार्टी डेलीगेशन से पहले महबूबा ने बातचीत के लिए हुर्रियत से की अपील

Sep 03, 2016
ऑल पार्टी डेलीगेशन से पहले महबूबा ने बातचीत के लिए हुर्रियत से की अपील
सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल से जम्मू-कश्मीर की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने हुर्रियत को बातचीत के लिए न्यौता दिया।

श्रीनगर, जेएनएन। जम्मू-कश्मीर की मुख्यमंत्री महबूबा ने शनिवार की शाम कश्मीर के सभी प्रमुख अलगाववादी नेताओ और संगठनों को पीडीपी के अध्यक्ष की हैसियत से एक पत्र लिखकर उनसे राज्य में अमन बहाली में सहयोग की कामना की है। इसके साथ ही महबूबा ने कहा कि रविवार को श्रीनगर आ रहे सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल के दौरे का बहिष्कार करने की बजाय उनसे मिलें और बातचीत की प्रक्रिया शुरु करें।

सर्वदलीय बैठक में हुई कश्मीर पर बनी रणनीति

कश्मीर दौरे से पहले शनिवार को गृहमंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में एक सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल की बैठक हुई। बैठक में कश्मीर की मौजूदा स्थित और इसमें सुधार के लिए उठाए जाने वाले आवश्यक कदमों के बारे में विस्तार से चर्चा की गयी। बैठक के बाद मीडिया से बात करते हुए गृहमंत्री ने कहा कि सभी दलों ने अपने-अपने सुझाव दिए हैं और रविवार को कश्मीर दौरे के बाद एक बार फिर सर्वदलीय बैठक होगी।

बैठक के बाद मीडिया से बात करते हुए सीपीएम महासचिव सीताराम येचुरी ने कहा, "हुर्रियत को भी बातचीत के लिए आमंत्रित किया जाना चाहिए, तांकि ये संदेश जा सके कि हम हर किसी से बात करना चाहते हैं। उन्होंने कहा, "हमने प्रतिनिधिमंडल को यह सुझाव दिया है कि विश्वास बहाली के उपायों की तलाश होनी चाहिए और पैलेट गन पर प्रतिबंध लगना चाहिए।" येचुरी ने कहा कि पुख्ता परिणामों के लिए पुख्ता कदम उठाने की जरूरत है।

कश्मीर में अमन-चैन बहाली के लिए सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल के श्रीनगर रवाना होने से पहले शनिवार को संसदीय कार्य मंत्री अनंत कुमार ने सभी सदस्यों की बैठक बुलाई थी। इस सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल की अगुवाई खुद गृहमंत्री राजनाथ सिंह करेंगे। सर्वदलीय बैठक के दौरान शामिल सांसदों को यात्रा की रूपरेखा के बारे में जानकारी दी गई।

सांसदों को जम्मू कश्मीर की मौजूदा जमीनी हकीकत, विभिन्न पक्षों और लोगों तथा समूहों के विचारों और रूखों के बारे में अवगत कराया गया। बैठक का एजेंडा प्रतिनिधिमंडल को कश्मीर के पिछले 10 सालों के हालात से रूबरू कराना था। साथ ही कहा गया कि कश्मीर में एक ही भाषा में बात करें।

सदस्यों को घाटी में पिछले 10 सालों में लिए विकास योजनाओं और जारी फंड की भरपूर जानकारी दी गई। एक किट भी मुहैया कराई गई, जिसमें कश्मीर से जुड़ी सरकार की उपलब्धियों और तमाम विशेष जानकारी मौजूद है। पाक द्वारा अलगाववादियों को दिए जा रहे समर्थन की भी पूरी जानकारी सदस्यों को दी गई। साथ ही वहां के सुरक्षा परिदृश्य को भी बैठक के एजेंडे में रखा गया।

बैठक में गृह मंत्री राजनाथ सिंह, संसदीय कार्य मंत्री अनंत कुमार, पीएमओ में राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह और गृह राज्य मंत्री किरण रिजिजू के साथ वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। रविवार को राजनाथ सिंह के नेतृत्व में 28 सदस्यों का सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल दो दिवसीय कश्मीर दौरे पर रवाना होगा। प्रतिनिधिमंडल यहां सभी पक्षों के साथ मुलाकात करेगा। प्रतिनिधि मंडल में शामिल जदयू नेता शरद यादव ने कहा, ‘हमारी कोशिश होगी कि आम राय बन जाए। हम लोग हुर्रियत समेत, हर किसी से बातचीत करने कि लिए तैयार हैं।’

एनसीपी नेता तारिक अनवर ने कहा, ‘बहुत ज़्यादा उम्मीद नहीं कर रहे हैं। वहां का माहौल बद से बदतर हो चुका है। कम से कम अंतरराष्ट्रीय मंच पर यह कह सकेंगे कि हमने वहां शांति व्यवस्था बनाने के लिए सभी कोशिश की।’

मृतकों के परिवार से मिलीं महबूबा

जम्मू-कश्मीर की मुख्यमंत्री कश्मीर हिंसा में मारे गए मृतकों के परिजनों से मुलाकात कर रही हैं। शनिवार को उन्होंने कुलगाम पहुंचकर मृतक के परिवार से मुलाकात की। उन्होंने मृतक के परिवारवालों को सांत्वना भी दी।

कश्मीर के कई हिस्सों में फिर कर्फ्यू

शुक्रवार को घाटी में भड़की हिंसा के बाद प्रशासन ने कुछ हिस्सों में फिर कर्फ्यू लगा दिया। घाटी में कर्फ्यू को लगे 56 दिन हो गए हैं। गौरतलब है कि घाटी में आतंकी बुरहान वानी की मौत के बाद हिंसा भड़क गई थी। इस हिंसा में अब तक 70 से ज्यादा लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। जबकि सैकड़ों लोग घायल हुए हैं। घाटी में हालात इतने खराब हो गए थे कि यहां टेलीफोन ओर इंटरनेट सेवाओं को भी बाधित करना पड़ा था।

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