गृहमंत्री से मुलाकात के बाद बोले मौलवी, आखिर क्यों करें अलगाववादियों से बात?

Sep 06, 2016
गृहमंत्री से मुलाकात के बाद बोले मौलवी, आखिर क्यों करें अलगाववादियों से बात?
गृहमंत्री राजनाथ सिंह से प्रतिनिधिमंडल की मुलाकात के बाद मौलवियों ने कश्मीर घाटी में अशांति के ऊपर अलगाववादियों से बातचीत ना करने की सलाह दी है।

नई दिल्ली (जेएनएन)। गृहमंत्री राजनाथ सिंह के नेतृत्व में कश्मीर गए प्रतिनिधिमंडल की वापसी के बाद मंगलवार को एक तरफ से जहां राजनाथ सिंह ने पूरे मामले पर प्रधानमंत्री से मिलकर उन्होंने जानकारी दी। वहीं, मंगलवार को करीब 5 बजे के करीब राजनाथ सिंह से मौलवियों के प्रतिनिधिमंडल ने मुलाकात की।

गृहमंत्री से मिलने के बाद मौलवियों ने अलगाववादियों के साथ बातचीत की योजना पर सवाल उठाया है। उन्होंने कहा कि जो लोग पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे लगाते हैं आखिरकार ऐसे लोगों के साथ क्यों बातचीत होनी चाहिए।

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प्रधानमंत्री से मिले गृहमंत्री

केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने आज पीएम नरेंद्र मोदी से मुलाकात उन्हें कश्मीर के हालात से अवगत कराया। कश्मीर मुद्दे पर चर्चा के लिए गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने आज शाम अपने आवास पर बैठक बुलाई है जिसमें भाजपा अध्यक्ष अमित शाह, वित्त मंत्री अरुण जेटली और पीएमओ में राज्यमंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह मौजूद रहेंगे।

पीएम मोदी से मुलाकात के बाद गृहमंत्री ने ट्वीट कर बताया, "प्रधानमंत्री को जम्मू-कश्मीर गए सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल की यात्रा के बारे में जानकारी दी और उन्हें कश्मीर के हालात के बारे में भी अवगत कराया।"

Briefed the Prime Minister on All Party Delegation’s visit to J&K and also apprised him of the situation in the state.

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— Rajnath Singh (@rajnathsingh)

इससे पहले दो दिवसीय श्रीनगर दौरे पर गए सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने कल प्रेस वार्ता कर अलगाववादियों को खरी-खरी सुनाते हुए कहा था कि कल प्रतिनिधिमंडल के सदस्य अलगाववादियों से मिलने गए थे। लेकिन, उन्होंने बातचीत से साफ इनकार कर दिया। इससे साफ होता है कि अलगाववादियों का इंसानियत, कश्मीरियत और जम्हूरियत पर विश्वास नहीं है।

राजनाथ ने ये भी कहा था कि बातचीत के लिए हमारे दरवाजे ही नहीं रोशनदान भी खुले हैं। उन्होंने दो टूक कहा कि जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न हिस्सा है। उन्होंने कहा कि ‘इसमें कोई दो राय नहीं कि जम्मू-कश्मीर भारत का हिस्सा था, है और हमेशा रहेगा। हम राज्य में शांति बहाली के लिए सरकार का पूरा सहयोग कर रहे हैं।

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