खुशखबरीः रियल एस्टेट क्षेत्र में साढ़े सात करोड़ नौकरियां

Aug 19, 2016
छह सालों में इस क्षेत्र में 7.5 करोड़ नौकरी के अवसर तैयार होने की संभावना है। इस लिहाज से 2022 तक यह देश में रोजगार देने वाला सबसे बड़ा क्षेत्र बन जाएगा।

नई दिल्ली, प्रेट्र। हकीकत है यह ख्वाब नहीं, रियल एस्टेट सेक्टर का जवाब नहीं..!!! शायद कुछ सालों में देश के युवाओं की जुबान पर यही लाइनें हों। छह सालों में इस क्षेत्र में 7.5 करोड़ नौकरी के अवसर तैयार होने की संभावना है। इस लिहाज से 2022 तक यह देश में रोजगार देने वाला सबसे बड़ा क्षेत्र बन जाएगा। केपीएमजी इंडिया की रिपोर्ट में यह बात कही गई है।

इस रिपोर्ट के अनुसार, 2030 तक आकार के मामले में भारत का रियल एस्टेट और कंस्ट्रक्शन सेक्टर दुनिया में तीसरे पायदान पर होगा। भारतीय अर्थव्यवस्था (जीडीपी) में इसका योगदान 15 फीसद रहने की संभावना है। इस दौरान कंस्ट्रक्शन मार्केट का साइज एक हजार अरब डॉलर (67,00,000 करोड़ रुपये) हो जाने की उम्मीद है।

केपीएमजी इंडिया और नेशनल रियल एस्टेट डेवलपमेंट काउंसिल (नरडेको) ने शुक्रवार को यह रिपोर्ट जारी की। इसमें हाल में सरकार की ओर से लांच किए गए प्रमुख कार्यक्रमों का विस्तृत ब्योरा है, जिन्हें शहरीकरण और रियल एस्टेट सेक्टर की बाधाएं दूर करने के लिए शुरू किया गया है।

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रिपोर्ट कहती है कि 2030 तक भारत की शहरी आबादी के 40 फीसद बढ़कर करीब 58 करोड़ हो जाने के आसार हैं। 2015 में यह 42 करोड़ थी। इस भारी-भरकम आबादी को खपाने के लिए सरकार ने कई बड़े कार्यक्रम शुरू किए हैं। इनमें स्मार्ट सिटीज, सबके लिए मकान, अमृत, हृदय वगैरह शामिल हैं। इन कार्यक्रमों को सहायता प्रदान करने के लिए सरकार की ओर से कई नीतिगत कदम भी उठाए गए हैं।

रिपोर्ट के मुताबिक, 2022 तक शहरों और ग्रामीण इलाकों में रहने वाले सभी लोगों के लिए तकरीबन 11 करोड़ मकानों की जरूरत होगी। देश में अभी छह करोड़ मकानों की कमी है। इनमें से करीब दो करोड़ मकानों की कमी शहरों में है। रियल एस्टेट और कंस्ट्रक्शन सेक्टर ने 2000 और 2015 के बीच 24 अरब डॉलर से ज्यादा का प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआइ) आकर्षित किया। ‘सबके लिए मकान’ पहल के लिए 2022 तक 2000 अरब डॉलर के निवेश की जरूरत पड़ेगी। कई इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट पाइपलाइन में हैं।

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पाइपलाइन में सैकड़ों प्रोजेक्ट

सेगमेंट , प्रोजेक्ट संख्या , लागत

सड़क , 432 , 6.5 लाख

रेलवे , 400 , 6 लाख

एयरपोर्ट , 70 , 67 हजार

बंदरगाह , 75 , 55.1 हजार

(लागत करोड़ रुपये में)

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