प्रशासन की लापरवाही से मेरे पिता की जान गयी

Nov 02, 2016
प्रशासन की लापरवाही से मेरे पिता की जान गयी

भोपाल सेंट्रल जेल से 8 सिमी कार्यकर्ता के भागने के दौरान मारे गए हवलदार रमाशंकर यादव के छोटे बेटे प्रभु यादव ने कहा है कि प्रशासन की लापरवाही से मेरे पिता मारे गए। उन्होंने बीबीसी से बात करते हुए कहा कि प्रशासन की लापरवाही की वजह से वो (क़ैदी) बाहर निकले। उन्होंने हथियार बना लिए, चादर निकाल ली। ये सब प्रशासन की ही लाचारी तो है।

हवलदार रमाशंकर यादव के छोटे बेटे प्रभु यादव ने और भी मुद्दों पर सवाल उठाये कहा कि सब जानते हैं कि मैनपावर की कमी है। उसका इस्तेमाल किस तरह से और कहां किया जाना चाहिए। ये तो विभाग ही बता सकता है, लेकिन जिस जगह पर मेरे पिता की तैनाती थी, वहां किसी नौजवान को तैनात किया जाना चाहिए था, न कि मेरे पिता जैसे किसी उम्रदराज़ व्यक्ति को। उन्होंने कहा कि मेरे पिता दिल की बीमारी के मरीज़ थें और काफी तकलीफ में रहते थे, इसके बावजूद उनकी तैनाती वहां कि गयी।

दूसरी तरफ असम में सेना में हवलदार के पद पर तैनात उनके बड़े बेटे शंभू यादव से जब इस मामले में पूछा गया तो कुछ भी बोलने से बचे। सिर्फ़ इतना कहना चाहते हैं कि बहुत सारे विषय जांच के हैं। मतलब इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए ये उनके बड़े बेटे शंभू यादव का कहना है।

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