संघ ने तीन तलाक को बताया मुसलमानों का अंदरूनी मसला, मगर समस्या समाधान को जरूरी बताया

Oct 26, 2016
संघ ने तीन तलाक को बताया मुसलमानों का अंदरूनी मसला, मगर समस्या समाधान को जरूरी बताया
तीन तलाक मसले पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक ने बहुत सोच-समझकर सधी बयानबाजी की है। आरएसएस ने अपनी सोच स्पष्ट करते हुए कहा है कि तीन तलाक मुसलमानों का अंदरुनी मसला है, हालांकि इसी के साथ यह भी जोड़ा कि लिंग आधारित पक्षपात समाज में नहीं होना चाहिए। हम इसके खिलाफ है। लिहाजा जब मुस्लिम  समुदाय में ही तीन तलाक के खिलाफ आवाज उठ रही है तो इस मसले पर विचार जरूरी है। हैदराबाद में  अखिल भारतीय कार्यकारी परिषद की बैठक के आखिरी दिन आरएसएस के सरकार्यवाह सुरेश जोशी(भैयाजी) ने यह बातें कहीं।
क्या बोले सुरेश जोशी
उन्होंने कहा कि मुस्लिम महिलाओं ने न्याय मांगने के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाया है। मौजूदा दौर में लिंग आधारित असमानता को उचित नहीं ठहराया जा सकता। सुरेश जोशी ने कहा कि वे अदालतों से इस मसले पर गंभीरता से विचार करने की उम्मीद करते हैं। आशा है कि मुस्लिम महिलाओं को बराबरी का अधिकार मिलेगा।
कानून का मतलब भेदभाव रोकना
कॉमन सिविल कोड पर सुरेश जोशी ने संघ का रुख साफ किया। कहा कि संघ का स्पष्ट मानना है कि कानून को किसी भी प्रकार के भेदभाव को समाप्त करना चाहिए। राम मंदिर के सवाल पर जोशी ने कहा कि हिंदुओं की इच्छा है कि अयोध्या में भव्य राममंदिर बने। मगर कानूनी अड़चनों के दूर होने के बाद ही काम आगे बढ़ेगा।
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