तीन तलाक बिल को लेकर मुस्लिम महिलाओ ने किया विरोध, सरकार से रखी ये मांग

Jan 01, 2018
तीन तलाक बिल को लेकर मुस्लिम महिलाओ ने किया विरोध, सरकार से रखी ये मांग

इनदिनों तीन तलाक मामला बहुत जोरो पर है, हर जगह इसी की चर्चा हो रही है। तीन तलाक देने पर लोकसभा में पेश किये गए 3 साल की सजा वाले बिल का मुस्लिम महिलाये विरोध कर रही है, तथा सरकार से अपनी मांग रख रही है।

बता दे कि शनिवार को ऑल इंडिया मजलिस तहाफ्फुज-ए-ख्वातीन ने इसका काफी विरोध किया है, उन्होंने कहा कि केंद्र बेवजह शरीयत में दखलअंदाजी कर रही है। उन्होंने केंद्र सरकार से सवाल करते हुए कहा कि ‘अगर केंद्र सरकार मुस्लिम महिलाओ से इतनी ही हमदर्दी रखती है तो उन्हें शिक्षा और रोजगार में आरक्षण क्यों नहीं देती???’

पिछले दिनों मौलना मदनी मार्ग स्थित पब्लिक गर्ल्स इंटर कालेज में बुलायी गयी बैठक के दौरान आलिमा सबा हसीब सिद्दीकी ने बताया की केंद्र सरकार अपने द्वारा पास किये गए बिल के बहाने अपना राजनीतिक स्वार्थ साध रही है। उन्होंने आगे केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा की भारतीय संविधान में लिखा है कि मुल्क में रहने वाले सभी धर्मों के लोगों को अपने अपने मजहबी तौर पर ज़िन्दगी जीने का पूरा अधिकार है। लेकिन फिर भी इसके बावजूद केंद्र सरकार ने अपनी हठधर्मी करते हुए खामियों से भरा बिल तीन तलाक के लिए लोकसभा में पेश कर दिया। उन्होंने आगे कहा कि इस बिल को मुस्लिम महिलाये किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं करेंगी, क्योंकि सभी मुस्लिम महिलाएं शरीयत पर यकीन रखती है और वह सब शरीयत के मुताबिक ही ज़िन्दगी गुजरेंगी।

बता दे कि बैठक में सभी मुस्लिम महिलाओ ने मांग की है कि इस बिल में काफी खामिया है और खामियों को जब तक दूर नहीं किया जाता तथा बिल में शरीयत के मुताबिक संशोधन नहीं किया जाता तब तक इस बिल को राज्यसभा में पास नहीं किया जाना चाहिए। बता कि रुबीना शहजाद और रिफअत उस्मानी ने केंद्र सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार मुस्लिम विरोधी होने तथा मुल्क की सेक्यूलर छवि को खराब कर रही है, आगे उन्होंने कहा कि तीन तलाक के शरई मसले में बेवजह केंद्र सरकार अपनी दखलअंदाजी कर रही है। क्यूंकि केंद्र सरकार में बैठे नुमाइंदों को तीन तलाक के शरीयत में क्या क़ानून है उन्हें इस बारे में कुछ भी नहीं पता है।

आपको बता दे उन्होंने आगे कहा कि मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड उनकी रहनुमाई के लिए उनके साथ है इसलिए मुस्लिम महिलाये बोर्ड के साथ खड़ी है। बता दे कि बीते शुक्रवार को नगर के बेरुन कोटला में मुस्लिम महिलाओ ने एक बैठक की थी जिसमे उन सभी महिलाओ ने लोकसभा में पेश किए गए बिल का काफी अधिक विरोध किया था। तथा उन्होंने मोदी सरकार पर आरोप लगाया था कि वो मुस्लिम विरोधी है। इस बैठक में काफी महिलाये मौके पर मैजूद थी जिसमे साइमा महफूज, रुहीना परवीन, हफ्सा नाज,साजदा बेगम,शाकरा जिया, सादिया उस्मानी, आफरीन,शाईस्ता परवीन, नुसरत जहां, जेबा नाज आदि मैजूद थी।

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