मुलायम सिंह यादव के संसदीय इलाके मैनपुरी में 15 सौ गांवों के सात लाख लोग अंधेरे में, आज तक नहीं हुआ विद्युतीकरण

Oct 14, 2016
मुलायम सिंह यादव के संसदीय इलाके मैनपुरी में 15 सौ  गांवों के सात लाख लोग अंधेरे में, आज तक नहीं हुआ विद्युतीकरण
सैफई की गली-गली अत्याधुनिक लाइट्स से जगमगाती है तो मुलायम से नाता रखने के बाद भी मैनपुरी के लोग ढिबरी की रोशनी में …..कहां है विकास, ढूंढते फिर रहे हैं। बातचीत करने पर मैनपुरी की जनता नेताजी से सवाल उछालती है-आखिर कुसूर क्या है हमारा, घर पर इतनी मेहरबानी, वहां का  एक छटांक भी विकास पर क्या हमारा हक नहीं बनता है।
बूढ़े हो गए मगर गांव में नहीं देखी बल्ब की रोशनी
मुलायम सिंह का गढ़ कहे जाने वाले मैनपुरी में कुल 1500 गांव आज भी अंधेरे हैं।  तब जब कि बात बिजली से कहीं आगे डिजिटल इंडिया, फोर जी… तक निकल पड़ी है। हिंदूपुर, गौरैय, गुलाबपुर, विक्रमपुर, रायपुरा, पहाड़पुर, कुंवर जैसे तमाम गांव ढिबरी युग में  जी रहे हैं। रात होते ही गांव के लोग छतों पर चढ़ जाते हैं और सैफई से आती रौशनी की चकाचौंध को अपलक निहारते हुए अपनी किस्मत को कोसते हैं।
पांच बार जनता ने सांसद बनाया, अब पोता एमपी, फिर भी बदहाल
मैनपुरी के लोगों से बातचीत में दर्द बरस पड़ता है। रामसुमेर कहते हैं कि कोई और सांसद होता तो इलाके के लोगों को इतनी तकलीफ नहीं होती। मगर मुलायम सिंह यादव जैसा सांसद इसी उम्मीद से चुनते आए कि अपनी पार्टी की सरकार में सैफई की तरह न सही मगर उसका 30 प्रतिशत भी विकास कर देंगे तो इलाका चमचमा उठेगा। मगर यहां तो रोशनी ही नसीब नहीं है। एमए और बीएड की पढ़ाई कर एक प्राइवेट स्कूल में पढ़ाने वाले उमेश कहते हैं कि नेताजी किस चीज की सजा दे रहे मालुम नहीं। पांच-पांच बार सांसद रहे, कई बार खुद मुख्यमंत्री रहे अब बेटा मुख्यमंत्री है और यहां कई  गांव अंधेरे में हैं। बता दें  कि मुलायम के बाद अब इस सीट से उनके पोते तेजप्रताप यादव सांसद हैं।
सीएम अखिलेश पापा की कर्मभूमि देख लें तो बड़े दावे नहीं करते
सीएम अखिलेश यादव अक्सर सपा राज में बिजली सुविधा बेहतर होने का राग अलापते हैं। एक बार फिर शासन ने दावा किया है कि दो साल में 24 घंटे में बिजली मिलने लगेगी। मगर अखिलेश यादव अगर अपने पिता मुलायम सिंह यादव की कर्मभूमि मैनपुरी देख लें तो शायद इतने बड़े वादे करने से पहले सौ बार सोचने को मजबूर होंगे। उनके दावे की पोल कहीं और नहीं बल्कि मैनपुरी के 1500 गांव ही खोलने को काफी हैं। जहां के लोग ढिबरी युग में जीने को मजबूर हैं।
डीएम का दावा कराएंगे विद्युतीकरण
डीएम चंद्रपाल सिंह कहते हैं कि जिस कंपनी को गांव में बिजली व्यवस्था का ठेका दिया गया, गड़बड़ी के कारण ब्लैकलिस्टेड हो गई। बिजली विभाग को कार्ययोजना के अनुरूप सभी वंचित गांवों में विद्युतीकरण करने के निर्देश दिए गए हैं।
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