मुख़्तार अंसारी की शरण में सपा सरकार, कौमी एकता दल का होगा विलय

Jun 20, 2016

आगामी विधानसभा चुनावों में अपने परम्परागत वोट बैंक मुसलामानों के बिखराव को रोकने के लिए समाजवादी पार्टी कुख्यात गैंगस्टर से राजनेता बने मुख्तार अंसारी और उसके भाई अफजल अंसारी को पार्टी में शामिल करने जा रही है.

सपा के इस फैसले से मुख्यमंत्री अखिलेश यादव द्वारा प्रदेश की कानून व्यवस्था को लेकर किये जा रहे वादों पर सवालिया निशान खड़ा हो रहा है.

पूर्वांचल के गाजीपुर, मऊ और वाराणसी में अपनी जीत सुनिश्चित करने और मुस्लिमों को अपने खेमे में बनाए रखने के लिए मुख़्तार अंसारी की पार्टी कौमी एकता दल का विलय मंगलवार को समाजवादी पार्टी में होगा.

इसी क्रम में अफजल अंसारी सोमवार को सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव से मिलने लखनऊ पहुंचे.

मौजूदा समय में मुख़्तार अंसारी की पार्टी के दो विधायक हैं और यह पार्टी पूर्वांचल के तीन चार जिलों में अपनी मजबूत पकड़ रखती है. मऊ से विधायक मुख़्तार अंसारी हाल ही में सिवान के पत्रकार राजदेव रंजन की हत्या के सिलसिले में बिहार पुलिस की राडार पर थे. इस हत्याकांड के मुख्य आरोपी शहाबुद्दीन और मुख्तार के रिश्तों की बात किसी से छुपी नहीं है. दोनों आपस में हथियारों का आदान प्रदान से लेकर शार्प शूटर्स की भी अदला-बदली करते रहते हैं.

बता दें इससे पहले सपा के मंत्री शिवपाल यादव ने भी कहा था कि पार्टी सभी का खुले दिल से स्वागत करती है.

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