श्री कृष्णा के द्वारिका नगरी के बारे में रोचक जानकारी

Feb 03, 2017
श्री कृष्णा के द्वारिका नगरी के बारे में रोचक जानकारी

श्री कृष्णा जो के द्वारिका नगरी के राजा थे . उनकी नगरी के बारे में हम आपको कुछ बाते बताने जा रहे है जो शायद ही आपको पता होगी .

1. महाभारत का युद्ध तो सबको याद होगा . वो युद्ध ख़त्म होने के 36 वर्ष बाद द्वारिका नगरी समुद्र में डूब जाती है .

2. और जब ये नगरी समुद्र में डूबी थी उसे पहले वहां के राजा श्री कृष्णा और उनके सभी युध्वंशी भी मर जाते है .

3. कहा जाता है की दो श्राप की वजह से ये नगरी डूब गयी थी .इस नगरी के डूबने के पीछे दो कारण है.

4. पहला श्राप माता गांधारी ने श्री कृष्णा को दिया था .और दूसरा श्री कृष्णा के पुत्र सांब को ऋषियों ने दिया था .

5. जब महाभारत में गांधारी के सारे पुत्र मारे जाते है . तो इसका जिम्मेदार गांधारी श्री कृष्णा को मानती है और कहती है की मैं तुहे श्राप देती हु की जैसे तुमने मेरे वंश का नाश किया है . वैसे तुम्हारे भी सब वंश का नाश हो जायेगा

6. दूसरा श्राप जो ऋषियों द्वारा इस नगरी को मिला था. कुछ ऋषि मुनि द्वारिका नगरी आये थे . तभी कृष्णा जी के पुत्र और उनके दोस्तों ने ऋषि मुनिया के साथ मजाक किया .और श्री कृष्णा का पुत्र उनके पास एक गर्भस्त्री बनकर गया . और कहा मुझे बताइए की मेरे गर्भ से क्या होगा. ऋषि मुनियों ने उन्हें पहचान लिया और अपने इस अपमान का उन्हें कारण मानते हुए श्राप दे दिया की तुम्हरा ये सारा कुल नाश होजायेगा .

7. कहा जाता है की जब श्री कृष्णा की म्रत्यु हुई तब उन्होंने अपने पिता वासुदेव को एक संदेश दिया और कहा ये सन्देश अर्जुन को जाकर दे देना . अर्जुन ने वो सन्देश पढ़ा और उसमे लिखा था की जल्द ही ये नगरी समुद्र में डूबने वाली है इस नगरी के लोगों को तुम अपने साथ अपने नगर में ले जाओ .

8. इस नगरी का नाम द्वारिका श्री कृष्णा के नाम से तो पड़ा ही था परन्तु कहा जाता है की इस नगर के चारो तरफ बहूत सी दीवार थी जिसके बहूत से द्वार भी थे इसलिए इसे द्वारिका कहा जाता है .

9. माना जाता है की ये दीवार आज भी सुमुन्द्र के नीचे स्थित है .

10. पहले इस नगरी को एक काल्पनिक नगरी माना जाता था . परन्तु इस को सच साबित किया प्रो. राव ने मैसूर ने .

11. गुजरात में स्थित ये नगरी को प्रो. राव ने मैसूर ने खोज निकाला . जब वो विश्विद्यालय में पढाई करते थे . उसके बाद उन्होंने भारतीय पुरतत्व खोज को ज्वाइन किया. और अपनी टीम के साथ मिलकर समुन्दर के अन्दर जाकर द्वारिका नगरी की लम्बी दीवार को खोज निकाला .और उस समय के कुछ बर्तन और काफी चीजें उस वक्त की खोज निकल कर ये साबित किया की ये द्वारिका नगरी असली द्वारिका नगरी है .

12. समुन्दर के अन्दर लगभग 200 नमूने के पत्थर मिले . जो ये बताते है की ये उस वक्त के है जब यहाँ श्री कृष्ण जी का राज हुआ करता था .

13. नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ ओशन टेक्नोलॉजी द्वारा एक जांच में हैरान कर देने वाली जानकारी ये मिली . की जब समुन्दर के गहराई में जाकर जांच की गयी तब सोनार पर मानव निर्मित नगर को देखा गया और उसे देख कर तो ऐसा लगता था जैसे वो 32,000 वर्ष पुराना है और इतना ही नहीं बल्कि ये भी पाया गया है की 9,000 वर्षों से समुद्र के अंदर है.

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