जिला अधिकारी डॉ जगदीश सोनकर जूते की नोक पर मरीजों का हाल लेते हुए

May 05, 2016

भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) को देश की प्रशासनिक मशीनरी की रीढ़ माना जाता है। प्रशासनिक अधिकारी का यह कर्तव्य होता है कि वह क्षेत्र में अनुशासन के साथ प्रशासन को दुरस्त रखे। इनके ओहदे बड़े होते हैं इसलिए जिम्मेदारियां भी समाज और जनहित के प्रति बड़ी मानी जाती है। ऐसे बहुत से नाम प्रशासनिक सेवा और पुलिस सेवा में है जिन्होंने अपनी जिम्मेदारी को बखूबी निभाया। उसमें दुर्गा शक्ति नागपाल, अशोक खेमका और संजीव भट्ट जैसे नाम शामिल है जिन्होंने प्रशासनिक से लेकर पुलिस सेवा में शामिल होकर अपने कर्तव्य औऱ समाज के प्रति जिम्मेदारी को निभाते हुए एक मिसाल पेश की।

पर वहीं कुछ ऐसे नाम भी है जिन्होंने अपने पद और प्रतिष्ठा का गलत इस्तेमाल कर समाज को चोट औऱ अघात पहुंचाने का काम भी किया है। कभी अपने पद का दुरुपयोग करके गरीबों औऱ वंचितों के हकों को लूटकर सरकारी खजाने को चूना लगाते हुए अपनों औऱ अपने आप को फायदे में रखा तो कभी कुछ ने सभी कायदे-कानून का गलत इस्तेमाल करके अपने निजी मामलों को देखा। अभी हाल में 800 करोड़ का एक आईएएस परिवाहन आयुक्त का नाम सामने आया था।

लेकिन आज एक तस्वीर सोशल मीडिया से लेकर तमाम जगह दिखाई दे रही है जो की काफी अमानवीय है। एक तस्वीर हजार शब्दों का बयान कर सकती है पर यह तस्वीर सदियों से चली आ रही एक सोच, एक दर्द औऱ एक समाज को और एक व्यवस्था को दिखा रही है जिसे देखकर लोग प्रशासन से लेकर पुलिस के पीछे लगे सेवा शब्द भाव को हटाना पसंद ही करेंगे।

यह तस्वीर छ्त्तीसगढ़ के रामानुजगंज की है जिसमें अाईएएस ऑफिसर एसडीएम ड़ॉ जगदीश सोनकर जूते की नोक पर मरीजों का हाल चाल ले रहे हैं। इनके जूते की नोक अस्पताल के मरीजों की मजबूरी से ज्यादा इनकी मानसिकता को बता रही है कि कैसे एक अफसर जब ऐसा कारनामा खुलेआम कर रहा है तो बंद कमरें में आम लोगों के साथ कैसे-कैसे बर्ताब करता होगा।

जूते की नोक दिखाने वाले आईएएस अफसर एमबीबीएस पास है डॉक्टरी की पढ़ाई के बाद (यानि मरीज़ों की सेवा का हिप्पोक्रेटिक ओथ लेने के बाद) भारतीय प्रशासनिक सेवा में चयनित हुए हैं।

अन्य ख़बरों से लगातार अपडेट रहने के लिए हमारे Facebook पेज को Join करे

लाइक करें:-
कमेंट करें :-
 

संबंधित ख़बरें

Jan 19, 2018

वायरल वीडियो

और पढ़ें >>

मनोरंजन

और पढ़ें >>
और पढ़ें >>