मोदी के गढ़ में, एक बाप अपने जवान बेटे को बचाने के लिए दर दर भटकता रहा, नही मिली मदद

Sep 02, 2016
मोदी के गढ़ में, एक बाप अपने जवान बेटे को बचाने के लिए दर दर भटकता रहा, नही मिली मदद

वाराणसी । ओडिशा और कानपुर में हुई इंसानियत को शर्मसार कर देने वाली घटना के बाद पीएम् के लोकसभा क्षेत्र वाराणसी में एक ऐसी ही घटना प्रकाश में आयी हैं । यहाँ कैंट रेलवे स्टेशन पर शनिवार की सुबह अचानक एक युवक की मौत हो जाने के बाद तीन घंटे तक बूढ़ा बाप मदद के लिए गुहार लगाता रहा।

आरपीएफ के कुछ जवान आए तो शव को स्टेशन के बाहर करके निकल गए। स्टेशन पर हुई घटना के बाद भी रेलवे के अधिकारी अनजान बने रहे। कुछ लोगों ने हंगामा किया तो अधिकारियों ने शव को भिजवाने का इंतजाम कराया।

गाजीपुर के मोहम्मदाबाद के परसा निवासी सदरूद्दीन अंसारी का 45 वर्षीय बेटा वकील अहमद को गुर्दे की परेशानी थी। काफी दिनों से बीमार था, कबीरचौरा स्थित मंडलीय अस्पताल में उसका इलाज चल रहा था। तबीयत कुछ ठीक होने पर इलाज के लिए मुम्बई जाने की तैयारी की। दिन में करीब 11 बजे मुंबई जाने वाली महानगरी एक्सप्रेस पकड़ने के लिए स्टेशन पहुंच गए।

प्लेटफॉर्म नंबर एक के फुटओवर ब्रिज पर अचानक बेटे को चक्कर आने लगा और वह गिरकर बेहोश हो गया। पिता चिल्लाता रहा लेकिन कोई मदद नहीं मिली अौर बेटे की मौत हो गई। सूचना आरपीएफ, जीआरपी और रेलवे के कर्मचारियों तक भी पहुंची लेकिन कोई झांकने तक नहीं आया। काफी देर बाद आरपीएफ के कुछ जवान पहुंचे और शव को स्टेशन परिसर के बाहर रखवाकर चले गए।

वहां भी शव पड़ा रहा और पिता बिलखता रहा। आसपास के लोगों से रहा नहीं गया तो रेलवे के खिलाफ हंगामा शुरू हुआ। इसकी सूचना सीआईटी यात्री सुविधा एसपी मिश्रा को मिली। वह पार्किंग एरिया में पहुंचे और पिता-पुत्र का टिकट रद कराकर पैसा वापस दिलाया। शव को ढकने के लिए चादर और गाड़ी का इंतजाम किया। इसके बाद बेटे का शव लेकर सदरूद्दीन गाजीपुर रवाना हो गए।

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