मोदी की यात्राएँ बिगाड़ सकती है पाकिस्तान का मूड : अमेरिकी विशेषज्ञ

Apr 06, 2016

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की हालिया सउदी अरब यात्रा के संबंध में एक शीर्ष अमेरिकी विशेषज्ञ का कहना है कि इससे पाकिस्तान को परेशानी हो सकती है क्योंकि आर्थिक और रणनीतिक अवसर भारत को तेल समृद्ध खाड़ी देश के करीब ला रहे हैं.

अमेरिकी थिंक टैंक इंडिया इनिशिएटिव ऑफ दी हडसन इंस्टीट्यूट की अपर्णा पांडे ने कहा, ”सालों तक सउदी अरब को एक प्रमुख सहयोगी और आर्थिक मददगार मानने वाले पाकिस्तान को अब लग सकता है कि वह अपने प्रतिद्वंद्वी भारत के हाथों अपने इस संरक्षक को खो रहा है. मोदी पिछले सप्ताह सरकारी यात्रा पर रियाद पहुंचे थे और इस यात्रा का राजनयिक महत्व था.”

उन्होंने कहा कि मोदी की यात्रा और उनका गर्मजोशी से किया गया स्वागत पाकिस्तानी नेताओं को यह याद दिलाता है कि अंतरराष्ट्रीय संबंध राष्ट्रीय हितों पर टिके होते हैं, केवल धर्म आधारित विचारधारा पर नहीं.”

पांडे ने कहा, ”आर्थिक और रणनीतिक मुद्दे भारत और सउदी अरब को करीब ला रहे हैं, वैसे ही जैसे ये दोनों क्षेत्र भारत और अन्य देशों के संबंधों को आगे बढ़ा रहे हैं.”

उन्होंने कहा कि पाकिस्तानी भारत और पाकिस्तान के बीच हमेशा संघर्ष को ही देखते हैं और ऐसे में यह स्पष्ट रूप से भारत की जीत है.

इस यात्रा के दौरान शाह सलमान बिन अब्दुल अजीज ने मोदी को देश का सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार ‘द किंग अब्दुल अजीज आर्डर’ प्रदान किया था.

पांडे ने कहा कि सहायता के रूप में अरबों डालर देने और पाकिस्तानियों को बड़े पैमाने पर रोजगार देने के बावजूद सउदी अरब ने कभी भी किसी पाकिस्तानी नेता को अपना सर्वोच्च नागरिक सम्मान प्रदान नहीं किया.

पांडे ने कहा कि वर्ष 2014-15 में 39.4 अरब डालर के द्विपक्षीय कारोबार के साथ भारत और सउदी अरब आर्थिक रूप से एक दूसरे के लिए काफी महत्वपूर्ण हो गए हैं. इसके विपरीत पाकिस्तान और सउदी अरब के बीच कारोबार मात्र 6.1 अरब डालर का है.

भारत के लिए सउदी अरब उसके तेल आयात का मुख्य स्रोत है जो भारत की वाषिर्क तेल मांग के पांचवें हिस्से की आपूर्ति करता है.

उधर सउदी अरब के लिए चीन, जापान, अमेरिका और दक्षिण कोरिया के बाद भारत उसका पांचवां सबसे बड़ा उपभोक्ता है. पांडे साथ ही कहती हैं कि पाकिस्तान इस विकास को एक खतरे के तौर पर देख सकता है.

उन्होंने कहा, ”या यह भी हो सकता है कि वह भारत के प्रति अपनी धारणा को बदले और उन आर्थिक तथा रणनीतिक अवसरों का लाभ उठाए जिनके चलते भारत उसके पुराने मित्र का वांछित सहयोगी बन रहा है.”

मोदी शनिवार को अपनी दो दिवसीय यात्रा पर सउदी अरब आए थे. वर्ष 1956 में जवाहरलाल नेहरू, 1982 में इंदिरा गांधी और वर्ष 2010 में मनमोहन सिंह के बाद मोदी सउदी अरब की यात्रा पर जाने वाले चौथे भारतीय प्रधानमंत्री हैं.

 

 

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