केजरीवाल के खिलाफ आरोप लगाने वाले मिश्रा आप से निलंबित

May 09, 2017
केजरीवाल के खिलाफ आरोप लगाने वाले मिश्रा आप से निलंबित

दिल्ली में आम आदमी पार्टी (आप) सरकार से बर्खास्त किए जाने के बाद मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाने वाले आप नेता कपिल मिश्रा ने सोमवार को भ्रष्टाचार-रोधी शाखा (एसीबी) जाकर टैंकर घोटाले में केजरीवाल के खिलाफ सबूत सौंपे और एक ईमेल जारी कर लोगों से आगे आकर आप सरकार के घोटालों के सबूत देने की अपील की। उन्होंने पार्टी नेतृत्व पर दिल्ली नगर निगम चुनाव लड़ने के लिए उम्मीदवारों से पैसे लेने का भी आरोप लगाया।

आप ने सभी आरोपों को खारिज करते हुए मिश्रा पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और केंद्र सरकार के इशारे पर चलने का आरोप लगाया और पार्टी की राजनीतिक मामलों की समिति (पीएसी) की बैठक में मिश्रा को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निलंबित कर दिया गया।

केजरीवाल के सिविल लाइंस स्थित निवास पर आप की पीएसी की बैठक के बाद आप के एक नेता ने आईएएनएस से कहा, “मिश्रा को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निलंबित कर दिया गया है।”

मंत्रि पद से बर्खास्त किए जाने के दो दिन बाद सोमवार को मिश्रा एसीबी कार्यालय गए और दावा किया कि उनके पास इस बात के सबूत हैं कि केजरीवाल के दो करीबियों ने टैंकर घोटाला मामले की जांच को प्रभावित करने की कोशिश की।

मिश्रा ने केजरीवाल और जैन को अपने साथ लाई डिटेक्टर टेस्ट कराने की चुनौती भी दी।

मिश्रा के आरोपों को नकारते हुए जैन ने कहा, “इस तरह का कोई जमीन सौदा नहीं हुआ।” साथ ही जैन ने मिश्रा के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दर्ज कराने की बात भी कही।

जैन ने कहा, “झूठ बोलने की भी हद होती है। मैं पांच मई को मुख्यमंत्री के आवास पर था ही नहीं और मैं इसे साबित कर सकता हूं। या तो जमीन के सौदे से संबंधित दस्तावेज दिखाएं या साबित करें कि यह सच है?”

जैन ने कहा, “वह अपना मानसिक संतुलन खो बैठे हैं और आधारहीन आरोप लगा रहे हैं। उन्होंने तो केजरीवाल के मृत साढ़ू तक को नहीं छोड़ा।”

दिल्ली सरकार में जलमंत्री रह चुके कपिल मिश्रा ने कहा कि वह मंगलवार सुबह केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) के कार्यालय जाएंगे और अपने आरोपों के समर्थन में जांच एजेंसी को सबूत देंगे और इस संबंध में प्राथमिकी दर्ज कराएंगे।

आप के वरिष्ठ नेता संजय सिंह ने सोमवार को मिश्रा द्वारा लगाए गए आरोपों का जवाब दिया।

संजय सिंह ने भाजपा और केंद्र सरकार पर केजरीवाल के खिलाफ मिश्रा के इस्तेमाल का आरोप लगाया और कहा कि यह उनकी पार्टी को खत्म करने और विपक्ष का गला दबाने की लंबे समय से चल रही साजिश का हिस्सा है।

सिंह ने पत्रकारों से कहा कि मिश्रा जिस तरह के आरोप लगा रहे हैं, उससे साफ हो गया है कि उन्हें केजरीवाल और दिल्ली सरकार के अन्य मंत्रियों को परेशान करने के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है।

संजय सिंह ने कहा, “मिश्रा अब भाजपा और कांग्रेस की भाषा बोल रहे हैं। वह वही बातें कर रहे हैं जो दोनों पार्टियां कई महीनों से कहती रही हैं। इससे साफ हो गया है कि इन सबके पीछे कौन है।”

संजय सिंह द्वारा भाजपा तथा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इशारे पर काम करने के आरोपों पर पलटवार करते हुए मिश्रा ने कहा, “पार्टी नेतृत्व के खिलाफ आवाज उठाने वाले लोगों को आप इसी तरह के तमगे से नवाजती है।”

उन्होंने लेट्सक्लीनएएपी एट जीमेल डॉट कॉम नामक ई-मेल आईडी लॉन्च किया और लोगों से ‘आप में व्याप्त भ्रष्टाचार’ को सामने लाने के लिए ‘सबूत’ भेजने की अपील की।

मिश्रा ने सोमवार को एसीबी से दर्ज शिकायत में कहा है कि केजरीवाल ने टैंकर घोटाला मामले की जांच में देरी की।

मिश्रा के आरोपों का जवाब देते हुए संजय सिंह ने कहा, “एसीबी केंद्र सरकार के अधीन है और केंद्र में भाजपा की सरकार है। इससे साफ होता है कि इन सबके पीछे भाजपा का हाथ है।”

संजय सिंह ने कहा कि जब देश आंतरिक एवं बाह्य सुरक्षा खतरों से जूझ रहा है, ऐसे समय में भाजपा और केंद्र सरकार का पूरा ध्यान आप को खत्म करने पर लगा हुआ है।

केजरीवाल के इस्तीफे की भाजपा की मांग को खारिज करते हुए संजय सिंह ने कहा कि भाजपा के ही नेता कीर्ति आजाद द्वारा केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली के खिलाफ भी भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए गए, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।

उन्होंने कहा, “जेटली के खिलाफ भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों के बावजूद वह अभी भी वित्त मंत्री बने हुए हैं। हमें भाजपा और कांग्रेस से नैतिकता और सिद्धांत का पाठ सीखने की जरूरत नहीं है।”

मिश्रा सोमवार शाम दोबारा पत्रकारों के सामने आए और दावा किया कि उनसे स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने खुद कहा था कि वह मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के साढ़ू के लिए दिल्ली के छतरपुर इलाके में ’50 करोड़ रुपये की जमीन का सौदा’ करा रहे हैं।

मिश्रा ने कहा, “यह जमीन सौदा बंसल परिवार के लिए हुआ था।”

संजय सिंह द्वारा भाजपा की भाषा में बोलने के आरोप का जवाब देते हुए मिश्रा ने कहा कि वह हमेशा से ही भाजपा की नीतियों के खिलाफ डंके की चोट पर बोलते रहे हैं।

मिश्रा ने कहा, “मैं कभी भी भाजपा में शामिल नहीं होऊंगा।”

इस बीच एसीबी के प्रमुख मुकेश कुमार मीणा ने कहा कि मिश्रा ने केजरीवाल के खिलाफ जैन से रुपया लेने के संबंध में कोई शिकायत नहीं की।

उन्होंने कहा कि मिश्रा एसीबी कार्यालय आए थे और उन्होंने टैंकर घोटाला मामले में शिकायत की।

मीणा ने कहा, “हम पहले विस्तृत वक्तव्य लेंगे और उसके बाद ही जांच शुरू करेंगे।”

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