मेवात गैंगरेप का सच : अमरजीत ने अपनी वॉल पर लिखा है- ‘मुस्लिम तो गए.’

Sep 08, 2016
मेवात गैंगरेप का सच : अमरजीत ने अपनी वॉल पर लिखा है- ‘मुस्लिम तो गए.’

अमरजीत ने अपनी वॉल पर लिखा है- ‘मुस्लिम तो गए.’ इस वाक्य के साथ उसने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की फोटो भी लगाई है.
दूसरे आरोपी राहुल वर्मा ने अपने फेसबुक हैंडल पर लिखा है कि वे आरएसएस के वॉलेंटियर हैं.
मुकामी बाशिंदों के मुताबिक छह सात महीने पहले घटनास्थल से दो किलोमीटर दूर स्थित एक कारखाने में आरएसएस ने एक ट्रेनिंग और भर्ती कैंप लगाया था.
मुलजिम राहुल वर्मा ने अप्रैल महीने में अपना फेसबुक हैंडल अपडेट करते हुए खुद को आरएसएस का स्वयं सेवक बताया है. उसने अपनी फेसबुक पर बाकायदा अपडेट किया है कि वह आरएसएस के लिए काम करने लगा है.
एसआईटी ने अपनी रिमांड रिपोर्ट में कहा है कि मुलज़िम बहुत चालाक चतुर हैं। कुछ बता नहीं रहे हैं। पुलिस अभी तक लूटी गई जूलरी और हथियार भी बरामद नहीं कर पाई है।
मेरी नज़र में कथित लूटपाट का यह ऐसा मामला है जहां स्त्रियों के साथ इतनी हिंसा और नृशंसता की है. पीड़ितों ने कहा कि वारदात के दौरान सभी हंस रहे थे। कोर्ट में पेशी के दौरान भी उनके चेहरे पर हंसी थी।
उनके रवैये और फेसबुक पोस्ट से यह बात साफ होती है कि वे मुसलिमों से घृणा करते है. डींगरहेड़ी में जो कुछ हुआ है, उसकी वजह सिर्फ पीड़ितों का मुसलमान होना है। मैं डींगरहेड़ी को लूटपाट नहीं हेटक्राइम मानता हूं।

मेवात के डींगरहेड़ी कांड में पुलिस रिमांड खत्म होने के बावजूद जांच एजेंसी एसआईटी किसी नतीजे पर नहीं पहुंच सकी. पुलिस पूछताछ में चारों मुलज़िमों ने अभी तक वारदात का मकसद नहीं बताया है. वे लूट का माल और वारदात में इस्तेमाल हथियारों की बरामदगी भी नहीं करवा रहे हैं. ऐसा दावा एसआईटी ने अपनी रिमांड रिपोर्ट में किया है.

मुलज़िमों की दोबारा पुलिस रिमांड के लिए एसआईटी बुधवार को ज़िला अदालत पहुंची. अपनी अर्ज़ी में एसआईटी ने अदालत से कहा, ‘मुलज़िम बहुत ही चालाक और चतुर हैं. बात को गले तक लाते और वापस सटक जाते हैं.’
मगर इस दलील के आधार पर अदालत ने पुलिस रिमांड की मांग ठुकराते हुए मुलज़िमों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है.
गोरखपुर से ग्राउंड रिपोर्ट: सोनिया के ग्रेट रोड शो के बाद राहुल गांधी का फ्लाप शो गोरखपुर से ग्राउंड रिपोर्ट: सोनिया के ग्रेट रोड शो के बाद राहुल गांधी का
इस केस के सिससिले में बुधवार की दोपहर 11 सदस्यों का एक समूह हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर से मिला. मेवात जिले के पूर्व मंत्री आफ़ताब अहमद के मुताबिक सीएम ने इस कांड की सीबीआई जांच समेत एक सितंबर को मेवात की महापंचायत में उठाई गई सभी मांगों को मान लिया है.
इस समूह में नूह से विधायक चौधरी ज़ाकिर हुसैन, फिरोज़पुर झिरका से विधायक चौधरी नसीम अहमद और इनेलो नेता किशोर यादव शामिल थे.

दिल्ली में पीड़ितों की प्रेस कॉन्फ्रेंस
दूसरी तरफ दिल्ली में दोपहर 3 तीन बजे फिरोजशाह मार्ग पर जेडीयू सांसद अली अनवर और सोशल एक्टिविस्ट शबनम हाशमी ने गैंगरेप पीड़ितों के साथ एक प्रेस कांफ्रेंस की. इस केस के दो मुलज़िमों राहुल वर्मा और अमरजीत के फेसबुक हैंडल का प्रिंटआउट जारी कर उन्होंने बताया कि यह घटना सामान्य लूटपाट की नहीं बल्कि धार्मिक घृणा से जुड़ा अपराध हो सकती है जिसकी आशंका शुरू से जताई जा रही थी.
फ्रेस कॉन्फ्रेंस में गिरफ़्तार मुलज़िम अमरजीत की एक पुरानी फेसबुक पोस्ट के प्रिंट आउट पत्रकारों को बांटे गए जिसमें उसने लिखा है- ‘मुस्लिम तो गए.’ इस वाक्य के साथ उसने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की फोटो भी लगाई है.

वहीं दूसरे आरोपी राहुल वर्मा ने अपने फेसबुक हैंडल पर लिखा है कि वे आरएसएस के स्वयंसेवक हैं. सांसद अली अनवर ने इन्हीं सुबूतों के आधार पर सीबीआई जांच की मांग की है.
शबनम हाशमी ने दावा किया कि छह सात महीने पहले घटनास्थल से दो किलोमीटर दूर स्थित एक कारखाने में आरएसएस ने एक ट्रेनिंग और भर्ती कैंप लगाया था. मुलजिम राहुल वर्मा ने अप्रैल महीने में अपना फेसबुक हैंडल अपडेट करते हुए खुद को आरएसएस का स्वयं सेवक बताया है. उसने अपनी फेसबुक पर बाकायदा अपडेट किया है कि वह आरएसएस के लिए काम करने लगा है.
शबनम के मुताबिक यह पहला ऐसा मामला है जहां कथित लूटपाट के मामले में मुलज़िमों ने स्त्रियों के साथ इतनी हिंसा और नृशंसता की है. उनके फेसबुक पोस्ट से यह बात साफ होती है कि वे मुसलिमों से घृणा करते है. अटकलें हैं कि शायद इसी वजह से उन्होंने यह वारदात की.

प्रेस कांफ्रेंस के दौरान गैंगरेप की दोनों पीड़िताएं भी मौजूद थीं. जब उनसे वारदात के ब्यौरे के बारे में पूछा गया तो वह रोने लगीं. उनके भाई ज़ाकिर हुसैन ने बताया कि पीड़िता किसी तरह मौक़े से भागने में कामयाब रही थीं. मगर मुलज़िमों ने उनके दो साल के बच्चे की गर्दन पर कट्टा रखकर उन्हें वापस बुलाया, फिर तीन लोगों ने गैंगरेप किया. पीड़िता अपने दो साल के बच्चे को भी साथ लाई थीं.
पुलिस जांच की फर्जअदायगी
डींगरहेड़ी कांड में तावड़ू पुलिस और बाद में गठित एसआईटी की जांच पर सबसे ज़्यादा सवाल उठ रहे हैं. रिमांड पेपर में एसआईटी ने वारदात के मकसद के बारे में एक भी लाइन का ज़िक्र नहीं किया है जो कि इस कांड का सबसे अहम सवाल है.

रिमांड रिपोर्ट में एसआईटी ने लिखा है कि आरोपी संदीप ने लूटा गया सोना जयपुर में छिपा रखा है. मुलज़िम अमरजीत ने चांदी का कड़ा कोसी, यूपी में छिपा रखा है. मुलज़िम कर्मजीत ने अपने हिस्से का सोना पानीपत में दोस्त के घर छिपा रखा है. मुलज़िम राहुल ने देसी कट्टा दिल्ली के नजफगढ़ में अपनी बहन के घर में छिपा रखा है. अभी तक एसआईटी ने इनमें से किसी भी चीज की बरामदगी नहीं दिखाई है.
एसआईटी आगे लिखती है, ‘बार-बार पूछताछ करने पर आरोपी स्वीकृत कथनों के अनुसार बरामदगी नहीं करा रहे हैं और ना ही लूटा हुआ सामान छिपाने के बारे में बतला रहे हैं. कभी सामान बरामदगी के बारे में हामी भर देते हैं तो कभी मना कर देते हैं. पूछताछ करने पर सिर झुकाकर बैठ जाते हैं. किसी भी बात का जवाब नहीं देते. आरोपी चालाक और चतुर किस्म के हैं. बात को गले तक लाते और वापस सटक जाते हैं.’

यहां यह ध्यान रखा जाना चाहिए कि यह रिपोर्ट एसआईटी ने दाख़िल की है जिसकी निगरानी एडीजीपी लेवल के अफसर कर रहे हैं. यह एसआईटी इसलिए गठित की गई थी क्योंकि तावड़ू पुलिस की शुरुआती जांच पर ही सवाल उठने लगे थे.

लेकिन एसआईटी की रिपोर्ट देखकर ऐसा लगता है कि वह जांच के नाम पर लीपापोती कर रही है. इस तरह के अपराधों में अपराध में प्रयुक्त हथियार और लूटे गए सामान की बरामदगी सबसे अहम होती है. जाहिर है उसके बिना आज नहीं तो कल सारे आरोपी बरी हो जाएंगे.हालांकि मेवात डिस्ट्रिक्ट बार काउंसिल के अध्यक्ष आबिद हुसैन का कहना है कि सीएम खट्टर ने एसआईटी चीफ आशीष चौधरी समेत दोषी अफसरों पर कार्रवाई की मांग मान ली है. इसके अलावा तीनों पीड़ित परिजनों को तीन सरकारी नौकरियां और उचित मुआवज़े पर भी रज़ामंदी जाहिर की है. (Shahnawaz Malik)

अन्य ख़बरों से लगातार अपडेट रहने के लिए हमारे Facebook पेज को Join करे

लाइक करें:-
कमेंट करें :-
 

संबंधित ख़बरें

वायरल वीडियो

और पढ़ें >>

मनोरंजन

और पढ़ें >>
और पढ़ें >>