मेडिकल कॉलेज अस्पताल में मरीजों के साथ हो रहा धोखा, अस्पताल में पैरासीटामोल टेबलेट तक नही

Oct 20, 2016
मेडिकल कॉलेज अस्पताल में मरीजों के साथ हो रहा धोखा, अस्पताल में पैरासीटामोल टेबलेट तक नही

जालौन जिले में राजकीय मेडिकल कॉलेज अस्पताल की हालत बत्तर होती जा। जहा जनपद में डेंगू का कहर लोगों पर बुरी तरह टूट रहा है। वही अस्पताल में बुखार के लिए साधारण दवा पैरासीटामोल टेबलेट तक नही है। मेडिकल कॉलेज का नाम आने पर लोगों के जहन में उन्नत चिकित्सीय सुविधाओं से लैस उपचार केंद्र जेहन में आता है। लेकिन यहाँ तस्वीर उलटी है। इस मेडिकल कॉलेज की हकीकत को डिसपेंसरी से भी ज्यादा बदतर रूप में देखा जा सकता है। मेडिकल कॉलेज के आउटडोर में हर दवा और जांच बाहर के लिए लिख दी जाती है। जो लोग अस्पताल से बेहतर इलाज की उम्मीद लिए शहर से इतनी दूर मेडिकल कॉलेज अस्पताल आते हैं उन्हें अपने साथ बड़ा धोखा हो रहा है। आखिर इसका जिम्मेदार कौन है।

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बुधवार को मेडिकल कॉलेज से नाजुक हालत में रेफर सुनील उर्फ जानी के परिवारीजनों ने बताया कि उन्होंने इस अस्पताल में लाकर अपने लड़के की जिंदगी खतरे में डाल दी। उसकी प्लेटलेट भर्ती होने तक 3 लाख से ऊपर थी। जबकि डिस्चार्ज कराते समय प्लेटलेट बढ़ने की बजाय कम होकर 1 लाख 92 हजार रह गईं। ग्लूकोज की बोतल को लेकर एक महिला डॉक्टर का बेहूदा जबाव था कि क्या सरकार ने तुम्हारा ठेका लिया है जो फ्री में बोतल चढ़ाई जाये।

सीएम अखिलेश यादव को मेडिकल कॉलेज अस्पताल के इस दुर्दशा का पता नही होगा। जबकि उनके पार्टी के जनप्रतिनिधियों और नेताओं को फुर्सत नही है कि वे सीएम को मेडिकल कॉलेज की इस दुर्दशा से जनपद के लोगों में सरकार के प्रति पनप रहे असंतोष के बारे में उन्हें चुनाव के कारण पार्टी के हित की चिंता करते हुए तत्काल बतायें।

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