जब मैं MD करूंगा तो 18 का हो जाऊंगा,अमेरिका भी हैरत में

Jun 04, 2016

सीखने की तेजी कोई इनसे सीखे. अमेरिका का एक किशोर सिर्फ 12 साल का है लेकिन जेब में तीन तीन कॉलेज डिग्रियां लिए घूम रहा है. यूनिवर्सिटी में उसका दाखिला हो गया है और उसे पता है कि 18 की उम्र तक वह कहां होगा.

अमेरिका के सैक्रामेंटो निवासी तनिष्क अब्राहम को कैलिफोर्निया यूनिवर्सिटी के यूसी डेविस में दाखिला मिल गया है और यूसी सैंटा क्रूज ने तो रिजेन्ट स्कॉलरशिप की ऑफर भी कर दी है. लेकिन उसने अब तक यह फैसला नहीं किया है कि वह किस यूनिवर्सिटी में पढ़ेगा.

डीडब्लू की रिपोर्ट के अनुसार भारतीय मूल का तनिष्क बायो मेडिकल इंजीनियरिंग पढ़ना चाहता है और 18 की उम्र तक डॉक्टर बनना चाहता है. तनिष्क कहता है, “मैं समझता हूं कि जब मैं एमडी करूंगा तो 18 का हो जाऊंगा.” जिस तरह से तनिष्क ने अब तक स्कूल और कॉलेज की पढ़ाई की है यह असंभव नहीं दिखता. उसकी चलती तो वह पहले भी कॉलेज जा सकता था.

लेकिन तनिष्क के माता-पिता ने उसे पहले गंभीरता से नहीं लिया. उसकी मां ने टेलिविजन चैनल सीबीएस को बताया, “एक बच्चा जो छह साल की उम्र में कॉलेज जाना चाहता है, हमें ये मजाक लगा और हमने नजरअंदाज कर दिया.” लेकिन बच्चे ने हार नहीं मानी. वह उन दिनों हर हाल में डायनोसोर के बारे में जानना चाहता था और घर में जोर डाल रहा था कि उसे कॉलेज के कोर्स में डाला जाए. अंत में माता-पिता ने उसकी बात मान ली लेकिन कॉलेज के टीचरों को भरोसा नहीं था. तनिष्क बताता है कि ज्यादातर उसे क्लास में नहीं लेना चाहते थे क्योंकि उनकी राय में वह बहुत छोटा था.
आखिरकार तनिष्क ने अमेरिकन रिवर कॉलेज के एक टीचर को मना लिया. लेकिन टीचर की शर्त थी कि उसकी मां भी क्लास में आएगी. मां ने जो खुद वेटेनरी डॉक्टर हैं, बेटे के प्यार में हां तो कर दी, लेकिन कभी-कभी उन्हें भी क्लास का मैटेरियल समझने में मुश्किल होती थी. तनिष्क नाज के साथ बताता है, “मैंने उन्हें रिलेटिविटी थ्योरी समझाई.” पांच साल के अंदर तनिष्क ने जनरल साइंस, मैथेमेटिक्स और फिजिक्स के अलावा विदेशी भाषा की डिग्री पास कर ली. बायलॉजी प्रोफेसर मारलेने मार्टिनेज का कहना है कि तनिष्क को सवाल पूछने में कोई झिझक नहीं होती. उसके पिता बीजू अब्राहम का कहना है कि वह सब कुछ बहुत जल्दी सीख लेता है.
तनिष्क को यह अच्छा नहीं लगता कि बहुत से लोग उसे जीनियस समझते हैं. उसे पता है कि जीनियस बच्चों को अजीबोगरीब माना जाता है. उसने कहा, “जब आप जीनियस के बारे में सोचते हैं तो किसी पागल वैज्ञानिक के बारे में सोचते हैं.” लेकिन तनिष्क का कहना है कि वह सामान्य बच्चा है जिसे सीखना और माइक्रोस्कोप पसंद है लेकिन साथ ही वीडियो गेम भी. वह डॉक्टर बनना चाहता है, रिसर्चर और शायद राष्ट्रपति भी. राष्ट्रपति बराक ओबामा से उसे चिट्ठी मिल चुकी है. राष्ट्रपति का ध्यान तनिष्क पर इसलिए गया कि वह अमेरिका में वंडरकिड के रूप में ख्याति पा चुका है. उसकी छोटी बहन भी कम नहीं. वह भी अमेरिकन रिवर कॉलेज में पढ़ रही है.

तनिष्क के माता-पिता को अब यह भय नहीं सताता कि यूनिवर्सिटी में दूसरे बच्चों के साथ कोई समस्या होगी. पिता का मानना है कि उसमें खास बात यह है कि वह हर उम्र के लोगों के साथ हिलमिल जाता है. तनिष्क को भी इस बात की चिंता नहीं है कि यूनिवर्सिटी में दूसरे बच्चे उससे उम्र में बड़े होंगे. वह कहता है, “शायद यह कॉलेज जैसा ही होगा. पहले सभी उलझन में रहते हैं, फिर उन्हें आदत लग जाती है और मेरे साथ वैसा ही व्यवहार करते हैं जैसा दूसरों के साथ.”

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