इस घोटाले में परिवार सहित जेल जाएंगे माया सरकार में खास मंत्री रहे अनंत मिश्रा, कोर्ट ने नहीं दी राहत

Oct 08, 2016
इस घोटाले में परिवार सहित जेल जाएंगे माया सरकार में खास मंत्री रहे अनंत मिश्रा, कोर्ट ने नहीं दी राहत
बसपा सरकार में हुए एनआरचएम घोटाले के आरोपी  स्वास्थ्य मंत्री रहे अनंत कुमार मिश्रा परिवार सहित सलाखों के पीछे हो सकते हैं। क्योंकि  हाईकोर्ट ने इस मामले में उन्हें अंतरिम राहत देने से इनकार कर दिया है। शुक्रवार को आए इलाहाबद हाईकोर्ट के फैसले के बाद अनंत अपनी माता विमला मिश्रा एवं पिता दिनेश चन्द्र मिश्रा के साथ जेल भी जा सकते हैं। वकीलों ने कहा कि अनंत पर आपराधिक उत्प्रेरण का आरोप लगाया गया है। जिसमें कहा गया है कि उन्होंने छह सीएमओ से बाइस करोड़ रूपये लेकर अपने माता-पिता की कंपनी में लगाया था। जबकि वह कंपनी पचास लाख की भी नहीं है। सीबीआई ने बिना पर्याप्त सबूत के पूरे परिवार को फंसाया है। सीबीआई द्वारा एकत्र साक्ष्यों से इनके विरुद्ध कोई आरोप नहीं बनता है। हाईकोर्ट ने मामले में दखल देने से इंकार करते हुए सीबीआई कोर्ट  में हाजिर होकर पक्ष रखने को कहा है।
सीबीआई जारी कर चुकी है गैरजमानती वारंट
गाजियाबाद की सीबीआई कोर्ट ने अनंत मिश्र उर्फ अंटू मिश्रा व उनके माता-पिता के खिलाफ गैर जमानती वारंट व कुर्की आदेश जारी किये हैं। कोर्ट ने याचिका को निस्तारित करते हुए याचियों को चार नवम्बर को सीबीआई कोर्ट में हाजिर होने का आदेश दिया है और कहा है कि ट्रायल कोर्ट क्षेत्राधिकार पर उठाये गये सवालों को लेकर दाखिल अर्जी का निस्तारण करें। हाईकोर्ट के इस आदेश से अनंत और उनके माता-पिता की मुश्किलें बढ़ गयी हैं और उन्हें जेल भी जाना पड़ सकता है।
अनंत मिश्रा को बचाने में लगे हैं सतीश मिश्रा
जानकारी के अनुसार यह आदेश न्यायमूर्ति अरूण टंडन ने पूर्व मंत्री अनंत मिश्र व उनके माता-पिता की अर्जी पर सुनवाई के बाद शुक्रवार को दिया है। याचिका पर वरिष्ठ अधिवक्ता सतीश चन्द्र मिश्र व पी चक्रवर्ती ने बहस की। इनका कहना था कि सीबीआई कोर्ट ने पहले दिन ही चार्जशीट पर संज्ञान लेते हुए गैर जमानती वारंट जारी किया था। याची ने कोर्ट के क्षेत्राधिकार पर आपत्ति करते हुए अर्जी दाखिल की है। अर्जी की सुनवाई के लिए चार नवम्बर की तारीख तय की गई है। कोर्ट ने याची के खिलाफ धारा 82 यानी कुर्की का आदेश जारी किया है।
कुर्की का आदेश जारी
सतीश मिश्र ने शिवकुमार परियार केस का हवाला देते हुए कहा कि क्षेत्राधिकार पर आपत्ति अर्जी निर्णीत किये बगैर कोर्ट याची के उत्पीड़न की कार्यवाही नहीं कर सकती। साथ ही अनंत मिश्र एनआरएचएम विभाग के मंत्री नहीं थे और सीबीआई ने उन्हें फंसाया है। यह भी दलील दी गई कि जहां तक माता-पिता का प्रश्न है उन पर घोटाले का आरोप नहीं है।
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