मध्य प्रदेश:अकबर का उम्मीदवार घोषित करना भाजपा नेताओं के लिये आश्चर्यजनक फैसला

Jun 01, 2016

प्रख्यात पत्रकार और भाजपा नेता एम जे अकबर और भाजपा के वरिष्ठ रणनीतिकार अनिल माधव दवे ने मंगलवार को भोपाल में राज्यसभा के द्वि-वार्षिक चुनाव के लिये मध्य प्रदेश से भाजपा उम्मीदवार के तौर पर अपने नामांकन पत्र दाखिल किये.

भाजपा द्वारा दवे को राज्ससभा के लिये मध्य प्रदेश से दूसरी बार मनोनीत किया गया है, जबकि भाजपा की केन्द्रीय चुनाव समिति द्वारा अकबर का उम्मीदवार घोषित करना प्रदेश भाजपा नेताओं के लिये आश्चर्यजनक फैसला है.

मध्य प्रदेश विधानसभा के मुख्य निर्वाचन अधिकारी भगवानदेव ईसरानी के समक्ष अकबर और दवे द्वारा नामांकन पत्र दाखिल करने के दौरान मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष नंदकुमार सिंह चौहान सहित प्रदेश सरकार के अनेक मंत्री और बड़ी संख्या में भाजपा विधायक मौजूद थे.

भाजपा के दोनों उम्मीदवारों के नामांकन दाखिल करने के बाद चौहान ने संवाददाताओं कहा, ‘‘मैं भाजपा के केन्द्रीय नेतृत्व एवं विशेषकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह जी का आभार प्रकट करता हूं, कि उन्होंने देश की दो मूर्धन्य प्रतिभाओं को मध्यप्रदेश से राज्यसभा के लिये उम्मीदवार बनाया है. इससे न केवल मध्यप्रदेश बल्कि भाजपा भी प्रसन्न है और इससे हमें बहुत लाभ होगा. दोनों उम्मीदवार केवल राजनीतिक कार्यकर्ता ही नहीं हैं, मौलिक चिंतक, विचारक और प्रख्यात पत्रकार हैं. इन्होंने देश की प्रगति एवं विकास में अपना योगदान दिया है.

उन्होंने कहा, ‘‘अनिल माधव दवे जो कि मौलिक चिंतक, विचारक, सुप्रसिद्ध पर्यावरणविद हैं. जिन्होंने नर्मदा नदी के संरक्षण के लिये अद्भूत काम किया है. वह एक अलग तरह के सामाजिक राजनीतिक कार्यकर्ता हैं, जिन्होंने अपना पूरा जीवन देश की सेवा में खपाया है. उनको फिर से राज्यसभा का सदस्य के रूप में पाकर मध्यप्रदेश की जनता सहित भाजपा भी प्रसन्न है और इसका हमें बहुत लाभ होगा.’’

चौहान ने कहा, ‘‘एमजे अकबर जी किसी परिचय के मोहताज नहीं है. देश में विशेषकर पत्रकार जगत में उनका लेखन, चिंतन, उनके विचार, देश के प्रति उनका प्रेम, सच में उनको एक अलग कतार में खड़ा करते हैं. यह मध्यप्रदेश का सौभाग्य है कि वो भी हमें राज्यसभा सदस्य के नाते मिलेगें.’’

मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘मैं दोनों के चयन के लिये केन्द्रीय नेतृत्व का आभार मानता हूं, विास है कि दोनों की प्रतिभा का लाभ राज्यसभा के सदस्य के नाते पूरे देश को मिलेगा. मध्यप्रदेश की प्रगति और न केवल भौतिक विकास में बल्कि उससे हटकर भी पर्यावरण, स्वच्छता, और कृषि जैसे अनेक मुद्दों पर बहुत लाभ मिलेगा. मैं एक बार फिर केन्द्रीय नेतृत्व का आभार प्रकट करता हूं.’’

इसबीच, राजनीतिक हलकों में यह चर्चा सुनने में आ रही है कि भाजपा, कांग्रेस उम्मीदवार वरिष्ठ अधिवक्ता विवेक तन्खा की राह मुश्किल करने के लिये मध्य प्रदेश से राज्यसभा चुनाव के लिये वरिष्ठ भाजपा नेता विवेक गोटिया को निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर खड़ा कर सकती है. हालांकि मुख्यमंत्री चौहान ने संवाददाताओं द्वारा इस संबंध में पूछे गये सवाल का कोई उत्तर नहीं दिया.

कांग्रेस ने मध्य प्रदेश से राज्यसभा चुनाव के लिये वरिष्ठ अधिवक्ता विवेक तन्खा को अपना उम्मीदवार बनाया है. तन्खा ने सोमवार को कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह और पूर्व केन्द्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और अन्य कांग्रेस नेताओं, विधायकों की मौजूदगी में अपना नामांकन दाखिल किया.

मध्य प्रदेश से राज्यसभा के लिये तीन सीटें रिक्त हो रही हैं. इनमें से दो अनिल माधव दवे और पत्रकार चंदन मित्रा की सीट भाजपा और एक डॉ विजयलक्ष्मी साधो की सीट कांग्रेस के पास थीं.

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