मध्य प्रदेश विधानसभा में गूंजे- ‘अड़ीबाज’, ‘सटोरिए’, ‘डकैत समर्थक’ जैसे शब्द

Mar 03, 2017
मध्य प्रदेश विधानसभा में गूंजे- ‘अड़ीबाज’, ‘सटोरिए’, ‘डकैत समर्थक’ जैसे शब्द

अपनी परंपराओं के लिए पहचानी जाने वाली मध्यप्रदेश विधानसभा में गुरुवार को सदन की मर्यादा टूटी। सदन में अड़ीबाज, सटोरिया, डकैत समर्थक और रेत के अवैध कारोबारी जैसे शब्द गूंजे। मुख्यमंत्री ने विपक्षी कांग्रेस को डकैत समर्थक कहा। राज्यपाल के अभिभाषण को लेकर हुई चर्चा का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने जब अवैध रेत खनन के कारोबारियों पर कार्रवाई की बात कही तो विपक्ष ने उनकी मंशा पर संदेह व्यक्त करते हुए उन्हें टोकना शुरू कर दिया।

कांग्रेस विधायक जीतू पटवारी ने कहा कि चौहान मुख्यमंत्री हैं और उनका धर्म बनता है कि अवैध कारोबारियों पर कार्रवाई करें, चाहे उनका भतीजा ही क्यों न हो।

मुख्यमंत्री चौहान ने जवाब दिया कि वह अपना राजधर्म निभाएंगे। लेकिन विपक्ष पर हमला बोलते हुए कहा कि अवैध रेत खनन की बात वे लोग कर रहे हैं जो पांव से लेकर सिर तक अवैध माइनिंग में डूबे हैं।

मुख्यमंत्री की इस बात पर कांग्रेस विधायक तरुण भनोट ने कहा, “आपके पार्टनर हैं जेबी के स्टेट माइनिंग कार्पोरेशन।” तो मुख्यमंत्री ने जवाब दिया कि उन्हें पता है कि जबलपुर में किस-किस की रेत की खदानें चल रही हैं।

मुख्यमंत्री का जवाब सुनते ही कांग्रेस विधायक पटवारी भड़क गए। उन्होंने कहा, “यह कहकर आप डराना किसे चाहते हैं, आप सरकार में हो कार्रवाई करो।”

संसदीय कार्यमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कहा, “जिन-जिन की अवैध माइनिंग चल रही है, हम सबको डराना चाहते हैं।” इस पर पटवारी ने मिश्रा पर सीधा हमला बोला और कहा, “आपके भाई कहां से कहां पहुंच गए, उनकी इतनी संपत्ति कैसे हो गई, इसका हिसाब दो आप।” इसी बीच भनोट ने गुजरात के कारोबारी गौतम अडानी का कोयला बेचने की बात कही।

टोका-टाकी का दौर चल ही रहा था, भी मुख्यमंत्री चौहान ने कहा, “धार जिले में जिन्हें डकैतों का समर्थन करते लज्जा नहीं आती वे मुझ से बात कर रहे हैं।”

इस पर कांग्रेस विधायक जीतू पटवारी अपनी सीट से उठे और अपनी बात कहने का विधानसभा अध्यक्ष से अवसर मांगा। कांग्रेस विधायक उमंग सिंगार ने भी अपनी बात रखी।

इस बहस के बीच नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने हस्तक्षेप करते हुए कहा कि शायद मुख्यमंत्री कुछ ज्यादा ही उत्तेजित हो गए, जिन लोगों का विषय नहीं है, उन पर इस तरह की टिप्पणी करना सही नहीं है।

इस पर संसदीय कार्यमंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री ने किसी का नाम नहीं लिया, जिन्हें मिर्ची लगी वे स्वयं सोचें।

विवाद बढ़ा तो नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने कहा कि भोपाल में सबसे ज्यादा सट्टा कौन खिलाता है? इस पर सहकारिता मंत्री विश्वास सारंग खड़े हो गए तो सिंह बोले, “आप क्यों खड़े हुए?” इस पर सारंग ने कहा कि आप तिलमिला क्यों रहे हैं, सिंह ने कहा, “तिलमिला इसलिए रहा हूं, क्योंकि आपके सट्टे की बात आ गई।”

काफी देर तक इसी तरह नोकझोंक चलती रही, अध्यक्ष के समझाने पर सभी शांत हुए और मुख्यमंत्री का जवाब आगे बढ़ा।

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