लालकृष्ण आडवाणी का दावा, कहा- ‘लाल बहादुर शास्त्री को RSS से नहीं थी कोई नफरत’

Jan 25, 2018
लालकृष्ण आडवाणी का दावा, कहा- ‘लाल बहादुर शास्त्री को RSS से नहीं थी कोई नफरत’

भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी ने एक बार फिर से अपने एक बयान के चलते सुर्ख़ियों में आ गए हैं। उन्होंने देश के पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री के राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के साथ रिश्तों को लेकर एक बड़ा दावा किया है। उन्होंने दावा करते हुए कहा कि शास्त्री आरएसएस के साथ वैचारिक रूप से कोई वैमनस्य नहीं रखते थे और प्रधानमंत्री रहते हुए वह गुरू गोलवलकर को अक्सर विचार-विमर्श के लिए आमंत्रित किया करते थे

बता दें कि भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी ने आरएसएस के मुखपत्र ‘ऑर्गनाइजर’ के लिए लिखे गए संपादकीय में उन्होंने कहा कि, “नेहरू से उलट, शास्त्री ने जनसंघ और आरएसएस को लेकर किसी तरह का वैमनस्य नहीं रखा। वह श्री गुरूजी को राष्ट्रीय मुद्दों पर विचार-विमर्श के लिए बुलाया करते थे।” उन्होंने ‘ऑर्गनाइजर’ के 70 साल पूरा होने के अवसर पर आए संस्करण में छपे एक संपादकीय यह बात कही है। आगे उन्होंने इस में लिखा कि “हर मुलाकात में मुझ पर इस छोटे कद, लेकिन बड़े हृदय वाले प्रधानमंत्री की सकारात्मक छाप पड़ी” और “धोती-कुर्ता एक नेता का पहनावा है। यह पत्रकारों को नहीं भाता। मेरे साथियों ने मुझसे यह बात कही थी। मैंने अपने साथियों की ओर से दी गई सलाह में कुछ उचित पाया और फिर से पतलून पहनने लगा।”

उन्होंने लिखा कि साल 1977 में सूचना एवं प्रसारण मंत्री रहते हुए वह ख्वाजा अहमद अब्बास और पृथ्वी राज कपूर से मिले और वे दोनों यह जानकर हैरान रह गए कि ‘हमारे यहां एक मंत्री है जो पहले फिल्म आलोचक हुआ करता था।’ आपकी जानकारी के लिए बता दें कि लाल बहादुर शास्त्री साल 1964 से साल 1966 तक देश के प्रधानमंत्री रहे। जिनकी तारीफ पिछले साल आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने भी की थी।

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